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जयपुर धमाकों के सिलसिले में गिरफ़्तारी

By रामदत्त त्रिपाठी
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शहबाज़ लखनऊ में साइबर कैफ़े चलाता था
जयपुर पुलिस ने 13 मई को जयुपर में हुए बम धमाकों के सिलसिले में सोमवार को लखनऊ से शहबाज़ नामक एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है.

उल्लेखनीय है कि जयपुर बम धमाकों में क़रीब 60 लोगों की मौत हो गई थी और अनेक लोग घायल हो गए थे.

यह गिरफ़्तारी चीफ़ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के एक वारंट के आधार पर की गई.

जयपुर पुलिस ने शहबाज को उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से लखनऊ के मौलवीगंज इलाक़े से गिरफ़्तार किया जहाँ वह एक साइबर कैफ़े चलाता है.

शहबाज़ मूलतः यूपी के पूर्वी ज़िले भदोही का रहने वाला है. पुलिस ने उसे अतिरिक्त ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आरपी त्रिपाठी के सामने पेश किया और कोर्ट ने उसे जयपुर ले जाने के लिए 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस को सुपुर्द कर दिया.

जयपुर पुलिस अधिकारी लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करने से बचते रहे.

षडयंत्र में शामिल

अदालत में मामले की जाँच से संबंधित जो कागज़ात पुलिस ने दिखाए उसमें कहा गया है कि शहबाज जयपुर में हुए धमाकों के लिए विस्फोटक सामग्री ख़रीदने और धमाके करवाने के षडयंत्र में शामिल था.

शहबाज़ को जब अदालत में पेश किया गया तो बड़ी तादाद में पुलिस बल सुरक्षा के लिए तैनात थे, क्योंकि इसके पहले आतंकवाद की घटना के दोषी एक व्यक्ति को अदालत लाने के क्रम में हंगामा और मारपीट हो गई थी.

इससे पहले अहमदाबाद बम धमाकों के सिलसिले में उत्तरप्रदेश के आज़मगढ़ ज़िले से अब्दुल बशर नामक एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया था.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उत्तरप्रदेश के कई ज़िलों में पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी आईएसआई और बांग्लादेश के चरमपंथी संगठन हूजी और प्रतिबंधित सिमी ने अपना नेटवर्क फैला रखा है.

उल्लेखनीय है कि उत्तरप्रदेश के बनारस, लखनऊ और फैजाबाद शहरों में बम धमाकों की घटनाएँ हो चुकी हैं.

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