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विहिप नेता हत्याकांड की न्यायिक जांच के आदेश (लीड-2)

By Staff
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भुवनेश्वर, 24 अगस्त (आईएएनएस)। उड़ीसा में शनिवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक वरिष्ठ नेता समेत पांच लोगों की हत्या मामले में रविवार को राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए। उधर, राज्य के विभिन्न इलाकों में हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन हुए।

हत्याकांड के बाद राज्य में हुए विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की, जिसमें राज्य की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक के बाद पटनायक ने कहा, "राज्य सरकार ने हत्याकांड की न्यायिक जांच का आदेश जारी किया है।"

उल्लेखनीय है कि कंधमाल जिले में शनिवार को एक आश्रम में जन्माष्टमी उत्सव के दौरान विहिप की केंद्रीय सलहाकार समिति के वरिष्ठ सदस्य स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती सहित पांच लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसे देखते हुए पुलिस ने पूरे जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

पुलिस महानिरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि हजारों लोगों ने कई स्थानों पर सड़क जाम किया और रेलगाड़ियों के परिचालन में बाधा पहुंचाई।

घटना के संबंध में कंधमाल के जिलाधिकारी किशन कुमार ने आईएएनएस को बताया, "तीस से अधिक हथियारबंद लोगों ने विहिप नेता पर हमला बोल दिया, जिससे विहिप नेता समेत चार अन्य की मौत हो गई।"

कुमार ने बताया कि पुलिस को संदेह है कि नक्सलियों ने हमला किया था। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम लगभग साढ़े सात बजे यह हमला किया था।

इससे पहले राज्य के पुलिस महानिदेशक गोपाल चंद्र नंदा ने आईएएनएस को बताया, "स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती समेत पांच लोग इस गोलीबारी में मारे गए।"

सरस्वती विहिप की केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य थे और उड़ीसा में धर्मातरण विरोधी अभियान का नेतृत्व कर रहे थे। हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह हमला नक्सलियों ने किया है या किसी और ने।

हमले के संबंध में नंदा ने कहा, "यह नक्सली हमले की तरह दिखता है, लेकिन फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है।" क्षेत्र में हमले की खबर पहुंचते ही हजारों लोग सड़कों पर उतर आए।

राज्य सरकार ने पुलिस से क्षेत्र में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा है। उधर, पुलिस ने पूरे जिले में एक साथ चार से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

पुलिस महानिरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि कंधमाल में भारी संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया है।

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक समेत पुरी के शंकराचार्य विश्चलानंद सरस्वती, बंजर दल के नेता सुभाष चौहान आदि नेताओं ने इस घटना की निंदा की है।

कंधमाल जिले की आबादी करीब छह लाख है जिसमें से डेढ़ लाख ईसाई हैं। इस लिहाज से इसे संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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