• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

झारखंड में 8 वर्षो में 5 सरकारें

By Staff
|

रांची, 20 अगस्त (आईएएनएस)। अलग झारखंड राज्य बनने के आठ सालों के भीतर पांचवीं सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा समर्थन वापस लेने के बाद मधु कोड़ा सरकार संकट में आ गई है, जिसे 25 अगस्त को सदन में बहुमत साबित करना है।

रांची, 20 अगस्त (आईएएनएस)। अलग झारखंड राज्य बनने के आठ सालों के भीतर पांचवीं सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा समर्थन वापस लेने के बाद मधु कोड़ा सरकार संकट में आ गई है, जिसे 25 अगस्त को सदन में बहुमत साबित करना है।

अगर कोड़ा सरकार गिर जाती है तो इसका मतलब होगा कि अब तक राज्य में कोई भी सरकार ढाई साल से ज्यादा नहीं चल सकी है।

15 नवंबर 2000 को जब झारखंड का गठन हुआ तो राज्य में बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) की पहली सरकार बनी। बाद में जनता दल(यू)और समता पार्टी का विलय हुआ और इनके पांच विधायकों ने मरांडी के खिलाफ विद्रोह कर दिया। मार्च 2003 में मरांडी को इस्तीफा देना पड़ा और अर्जुन मुंडा राज्य के मुख्यमंत्री बने।

फरवरी 2005 में झारखंड में पहला विधानसभा चुनाव हुआ। परंतु संख्या कम होने के बावजूद राज्यपाल सईद शिब्ते रजी ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन को सरकार बनाने का न्योता दिया और झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बहुमत साबित न कर पाने की स्थिति में उनको इस्तीफा देना पड़ा और एक बार फिर अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में राजग की सरकार बनी।

मुंडा की सरकार को अभी डेढ़ साल ही हुए थे कि मधु कोड़ा के नेतृत्व में चार निर्दलीयों ने बगावत कर दी और सितंबर 2006 में मधु कोड़ा संप्रग के समर्थन से पहले निर्दलीय मुख्यमंत्री बने।

अब झामुमो के समर्थन वापसी के बाद कोड़ा के पास 82 विधायकों वाली विधानसभा में मात्र 25 विधायकों का ही समर्थन है। साथ ही शिबू सोरोन एक बार फिर मुख्यमंत्री बनने का प्रयास कर रहे हैं।

राज्य की राजनीतिक स्थिति के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा का कहना कि राजनीतिक अस्थिरता की वजह ख्ंडित जनादेश है।

रांची विश्वविद्यालय के अवकाशप्राप्त प्रोफेसर आर. एन. गौड़ का कहना कि राज्य में राजनीतिक अस्थिरता खत्म करने के दो उपाय हैं-पहला कि राज्य में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ा दी जाए या फिर राजनेता जिम्मेदारी से काम लें।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

**

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more