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बीजिंग ओलंपिक : विजेंदर-जितेंदर पर टिकी है आस (लीड-1)

By Staff
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बीजिंग, 19 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय मुक्केबाजी या फिर यूं कहें कि ओलंपिक में भारत की आस को नई दिशा देने वाली मुक्केबाजी तिकड़ी के दो होनहार सदस्य विजेंदर कुमार और जितेंदर कुमार बुधवार को बीजिंग ओलंपिक में अपना-अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेलेंगे। सोमवार को इस तिकड़ी के सबसे वरिष्ठ सदस्य अखिल कुमार की हार के बावजूद खेल प्रेमी हरियाणा के इन होनहारों से पदक की आस लगाए हुए हैं।

बीजिंग, 19 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय मुक्केबाजी या फिर यूं कहें कि ओलंपिक में भारत की आस को नई दिशा देने वाली मुक्केबाजी तिकड़ी के दो होनहार सदस्य विजेंदर कुमार और जितेंदर कुमार बुधवार को बीजिंग ओलंपिक में अपना-अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेलेंगे। सोमवार को इस तिकड़ी के सबसे वरिष्ठ सदस्य अखिल कुमार की हार के बावजूद खेल प्रेमी हरियाणा के इन होनहारों से पदक की आस लगाए हुए हैं।

23 वर्षीय विजेंदर 75 किलोग्राम मिडिलवेट वर्ग में जहां इक्वाडोर के कार्लोस गोंगोरा से भिड़ेंगे, वहीं 51 किलोग्राम फ्लाईवेट वर्ग में जितेंदर का सामना तीन बार के यूरोपीय चैंपियन रूस के ग्रेगरी बलाकशीन से होना है। विजेंदर और जितेंदर ने अखिल को देखकर मुक्केबाजी सीखी है। अब जबकि अखिल हार चुके हैं, उनकी हार से विजेंदर और जितेंदर को काफी सीख मिलेगी।

भारतीय टीम के कोच गुरबख्श सिंह संधू ने स्वीकार किया कि सोमवार को हुए क्वार्टर फाइनल में अखिल की हार निराशाजनक रही है, क्योंकि उनके काफी उम्मीदें थीं। उन्होंने कहा, "जितेंदर और विजेंदर अपने हीरो अखिल की हार से हताश जरूर हैं, लेकिन इसके बावजूद वे अपने-अपने मुकाबलों के लिए पूरी तरह कमर कसे हुए हैं।"

ग्रीसवासियों की तरह दिखने वाले विजेंदर ने कई अंतर्राष्ट्रीय फैशन पत्रिकाओं का ध्यान आकर्षित किया है। विजेंदर ने बीजिंग आने से पहले इस वर्ष मई में ताइपे में हुई एआईबीए प्रेसीडेंट कप बाक्सिंग टूर्नामेंट में एथेंस ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता कजाखिस्तान के मुक्केबाज बख्तियार अतायेव को हराया था। अतायेव को एथेंस ओलंपिक का सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज घोषित किया गया था।

क्वार्टर फाइनल में विजेंदर के प्रतिद्वंद्वी गोंगोरा पिछले साल शिकागो में आयोजित विश्व चैंपियनशिप के अंतिम-16 में स्थान बनाने के अलावा इस साल रूमानिया में एक खिताब भी जीत चुके हैं। विजेंदर ने कहा, "अतायेव पर मिली जीत ने मेरा हौसला बढ़ाया है।"

जानकार मानते हैं कि आने वाले दिनों में जितेंदर देश के सबसे अच्छे मुक्केबाज बनकर उभरेंगे, लेकिन फिलहाल वे तीन बार के यूरोपीय चैंपियन बलाकशीन के आगे थोड़े कमतर दिख रहे हैं।

अखिल की तरह जितेंदर भी आक्रामक मुक्केबाज हैं। ऐसी स्थिति में भारतीय कोच जितेंदर को कुल अलग रणनीति के साथ बलाकशीन के सामने उतारेंगे।

बलाकशीन काफी अनुभवी हैं, लेकिन जितेंदर को इसकी परवाह नहीं। उन्होंने कहा, "मैं अखिल के लिए पदक जीतना चाहता हूं।"

भारतीय कोच ने आने वाले मुकाबलों के लिए कुछ कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "मैं इस संबंध में कुछ नहीं कह सकता। अखिल की हार के बाद अगले मुकाबलों के बारे में कुछ कहना जायज नहीं होगा। कुल मिलाकर हम पदक की आस लगाए हुए हैं।"

कोच ने हालांकि इतना जरूर कहा कि विजेंदर काफी अच्छे फार्म में हैं, लिहाजा गोंगोरा को वह जोरदार टक्कर देंगे।

उन्होंने कहा, "गोंगोरा को कमतर आंकने की भूल नहीं की जा सकती। इस स्तर पर किसी भी मुक्केबाज को कमतर आंकना समझदारी नहीं। गोंगोरा को स्लीपर मुक्केबाज (उलटफेर करने वाला) माना जाता रहा है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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