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बीजिंग ओलंपिक : मुक्केबाज चमके, एथलीटों ने किया निराश (राउंडअप)

By Staff
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बीजिंग, 16 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के तीन मुक्केबाज अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर बीजिंग ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल तक का रास्ता तय करने में सफल रहे हैं, लेकिन शनिवार को एथलीटों ने निराश किया।

शुक्रवार को जहां हरियाणा के अखिल कुमार ने तिरंगे की शान बरकरार रखते हुए मुक्केबाजी स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में सफलता हासिल की थी, वहीं शनिवार को जितेंदर कुमार और विजेंदर कुमार ने यह कारनामा किया। अब ये मुक्केबाज ओलंपिक पदक से मात्र एक कदम दूर हैं।

शनिवार को विजेंदर ने जहां 75 किलोग्राम मिडिलवेट वर्ग में थाईलैंड के अंगकान चोंपुपुआंग को 13-3 से पराजित किया, वहीं जितेंदर ने 51 किलोग्राम फ्लाईवेट वर्ग में उज्बेकिस्तान के तुलाशबोय दोनियोरोव को 13-6 से धूल चटाई। तीसरे मुक्केबाज अखिल शुक्रवार को ही रूस के विश्व चैंपियन को हराकर क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए थे।

सबसे पहले विजेंदर की बात करते हैं। इस होनहार मुक्केबाज ने पहले दौर में 2-0 की बढ़त के साथ शुरुआत की। दूसरे दौर की समाप्ति तक उन्होंने अपनी बढ़त 6-1 कर ली।

तीसरे दौर में उनके घूंसों ने चोंपुपुआंग की हालत खराब कर दी। इस दौर में चार अंक हासिल करते हुए विजेंदर ने 10-1 की बढ़त बना ली। हालांकि अंतिम दौर में थाईलैंड के मुक्केबाज कुछ अंक हासिल करने में सफल रहे, लेकिन वे अंक उनकी जीत के लिए काफी नहीं थे।

क्वार्टर फाइनल में विजेंदर का सामना इक्वाडोर के मुक्केबाज कार्लोस गांगोरा से होना है। बुधवार को होने वाले इस मुकाबले को जीतने के लिए विजेंदर को एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा। गांगोरा ने ग्रीस के ग्रेगियल गाजीस को 12-1 से हराया था। विश्व चैंपियनशिप में गांगोरा नौवें स्थान पर रहे थे, जबकि विजेंदर को 17वें स्थान से संतोष करना पड़ा था।

दूसरी ओर, जितेंदर को क्वार्टर फाइनल में तीन बार के यूरोपीय फ्लाईवेट चैंपियन रूस के ग्रेगरी बलाकशीन से भिड़ना है। उनके लिए मंगलवार को होने वाला यह मुकाबला काफी कठिन होगा।

2006 राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले जितेंदर ने कहा, "इससे पहले एक बार मैं ग्रेगरी से हारा हूं। इस बार मैं उस हार का हिसाब चुकाना चाहता हूं। मैं उन्हें किसी हाल में जीतने नहीं दूंगा। पिछली बार मैं अंक नहीं हासिल कर सका था, लेकिन इस बार नतीजा कुछ और होगा।"

अखिल कुमार को अपना दोस्त, सलाहकार और मार्गदर्शक मानने वाले जितेंदर ने स्वीकार किया, "पिछली रात, मैं बिल्कुल नहीं सोया। मैं यही सोच रहा था कि मैं कैसे जीतूंगा। अखिल दोनियोरोव को एक बार हरा चुके थे। मैंने अखिल को पूरी रात सोने नहीं दिया। मैंने उनसे पूछा कि मैं दोनियोरोव को कैसे हरा सकता हूं। मैं मानता हूं कि मेरी शैली काफी हद तक अखिल से मिलती है। वे मेरे मार्गदर्शक हैं। मैं उनकी राह पर चलना चाहता हूं। अगर मैं पदक जीतता हूं तो वह उन्हीं के नाम होगा।"

2006 विश्व जूनियर चैंपियनशिप में जितेंदर रूस के विश्व रिकार्डधारी मुक्केबाज सर्गेई वोदोप्यानोव से हार गए थे, लेकिन एक दिन पहले अखिल ने सर्गेई को शिकस्त देकर सनसनी फैला दी थी।

जितेंदर-दोनियोरोव मुकाबले की बात करें तो इसकी पटकथा पहले 15 सेकेंड में ही लिखी जा चुकी थी। उज्बेक मुक्केबाज ने जितेंदर को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन जितेंदर ने उनकी चालों का बखूबी जवाब दिया। पहले दौर के बाद जितेंदर 4-1 की बढ़त बना चुके थे।

दूसरे दौर में जितेंदर ने एक अंक हासिल किया और 5-1 से आगे हो गए। यह बढ़त बहुत अच्छी थी। जितेंद्र के कोच गुरबख्स सिंह संधू ने बताया, "शुक्रवार को 2-6 से पिछड़ने के बाद भी अखिल जीत गए थे। हम नहीं चाहते थे कि जितेंदर बढ़त बनाने के बाद हार जाएं, लिहाजा हमने उनसे कहा कि स्कोर बनाने के बाद वे पीछे हटकर विपक्षी के मुक्कों को खाली जाने दें। यह रणनीति काम कर गई और जितेंदर 13-6 की बढ़त के साथ क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए। "

एथलेटिक्स में हालांकि भारत को निराशा हाथ लगी। डिस्कस थ्रोअर विकास गौडा और महिला एथलीट मनदीप कौर क्वालिफाइंग दौर से ही बाहर हो गए।

2005 के एशियाई चैंपियन गौडा शनिवार को डिस्कस थ्रो स्पर्धा में केवल 60.96 मीटर दूरी नाप सके। वे ग्रुप बी में 11वें और संयुक्त सूची में 22वें स्थान पर रहे। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 64.96 मीटर रहा है।

अमेरिका के उत्तरी केरोलिना विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे गौडा चार साल पहले एथेंस ओलंपिक में 29 एथलीटों के बीच 17वें स्थान पर रहे थे। पोलैंड के प्योटर मालाचोवस्की 65.94 मीटर के साथ क्वालिफाई करने वाले एथलीटों में पहले स्थान पर रहे।

दूसरी ओर, मदुरई में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 51.74 सेकेंड के साथ 400 मीटर दौड़ पूरी करने वाली मनदीप कौर क्वालिफाइंग स्पर्धा में 52.87 सेकेंड समय के साथ सात धावकों के बीच छठे स्थान पर रहीं। 50 धावकों के बीच मनदीप अंतिम रूप से 33वें स्थान पर रहीं। इटली की लिबानिया ग्रेनोट मार्टिनेज ने 50.87 सेकेंड समय के साथ इस हीट में पहला स्थान हासिल किया।

भारत की महिला डिस्कस थ्रोअर पहले ही ओलंपिक से बाहर हो चुकी हैं, जबकि 10 हजार मीटर दौड़ में प्रीजा श्रीधरन 29 धावकों के बीच 25वें स्थान पर रही थीं।

हेप्ताथलन में भारत की तीन एथलीट जी. जी. प्रमिला, सुष्मिता सिंह रॉय और जे. जे. शोभा भी काफी पीछे चल रहीं हैं। प्रमिला 4302 अंकों के साथ 28वें स्थान पर हैं, जबकि शोभा 4289 अंकों के साथ 30वें और रॉय 4234 अंकों के साथ 33वें स्थान पर हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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