• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

अमेरिकी युद्घ बागी को कनाडा छोड़ने का आदेश

By Staff
|

टोरंटो, 14 अगस्त (आईएएनएस)। कनाडा ने बुधवार को इराक युद्ध के पहले अमेरिकी युद्ध बागी और उसके परिवार को 23 सितंबर तक देश छोड़ने का आदेश दिया है।

साल 2004 में अमेरिकी सैन्य इकाई ने 29 वर्षीय जर्मी हिंजमैन की इराक में तैनाती का आदेश जारी किया था लेकिन उसने इस आदेश के खिलाफ बगावत कर दी थी। वह इससे पहले अफगानिस्तान में भी तैनात रह चुका था।

हिंजमैन कनाडा में शरणार्थी की हैसियत से अपनी पत्नी गा ग्यूवेन और छह वर्षीय बेटी लिएमा के साथ रह रहा है।

मार्च 2005 में कनाडा आव्रजन एवं शरणार्थी बोर्ड ने 'वार रेसिस्टर्स सपोर्ट कैंपेन' के दबाव के बावजूद उसकी याचिका खारिज कर दी थी।

बाद में जब संघीय कोर्ट ने भी बोर्ड के फैसले को बरकरार रखा तो हिंजमैन कनाडा सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। लेकिन देश के सर्वोच्च न्यायालय ने भी उसकी याचिका पर सुनवाई से ही इनकार कर दिया।

इसके बाद भी उसने शरणार्थी बोर्ड के समक्ष गुहार लगाई और यह कहा कि अगर वह अमेरिका जाता है तो उसे प्रताड़ित किया जाएगा। परंतु बोर्ड ने भी उसकी याचिका को स्वीकार नहीं किया।

तीन सप्ताह पहले ही उसकी पत्नी ने बच्ची को जन्म दिया है। हिंजमैन ने कहा कि इससे उसको थोड़ी राहत जरूर मिली है और जब उसकी नवजात बेटी बड़ी हो जाएगी तो वह कनाडा वापस आएगा।

उधर, कनाडा सरकार के इस फैसले की निंदा करते हुए 'वार रेसिस्टर्स सपोर्ट कैंपेन' ने कहा कि यह 3 जून 2008 को देश की संसद के उस प्रस्ताव का भी उल्लंघन है, जिसमें अमेरिका के युद्ध बागियों को स्थायी तौर पर कनाडा में बसाने को मंजूरी दी गयी थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more