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चमड़ा उद्योग के विकास के लिए 9.12 अरब रुपये

By Staff
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नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय चमड़ा विकास कार्यक्रम (आईएलडीपी) लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार को 9.12 अरब रुपये मंजूर किया है।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह राशि मंजूर की गई। इसे 11 वीं पंचवर्षीय योजना की अवधि वर्ष 2007-12 के दौरान खर्च किया जाएगा।

बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने संवाददाताओं को बताया, "इस कार्यक्रम के तहत चमड़ा उद्योग के लिए बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। इसके तहत इस उद्योग से जुड़ी वातावरण संबंधी चिंताओं पर ध्यान दिया जाएगा।"

आईएलडीपी नौवीं पंचवर्षीय योजना (1997-2002) में शुरू किया गया था। इसे चमड़ा उद्योग के विकास के लिए बुनियादी ढांचे का विकास, उत्पादकता बढ़ाने और इसके लिए प्रोत्साहन और रोजगार बढ़ाने के लिए तैयार किया गया था।

गौरतलब है कि भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चमड़े का जूता उत्पादक देश है। यहां प्रति वर्ष 90 करोड़ से ज्यादा जोड़ी चमड़े के जूते बनाए जाते हैं।

सरकार ने वर्ष 2010 तक चमड़े का निर्यात सात अरब डालर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल प्रति वर्ष 2.3 अरब रुपये का चमड़ा निर्यात होता है।

पूरी दुनिया में प्रति वर्ष एक सौ अरब डालर का चमड़ा कारोबार होता है। इसमें भारत की हिस्सेदारी महज 2.5 प्रतिशत है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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