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लौह अयस्कों की कमी से बंद हुईं 25 स्पंज आयरन इकाइयां (लीड-1)

By Staff
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रायपुर , 14 अगस्त (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ की स्पंज आयरन इकाइयां लौह अयस्कों की जबरदस्त कमी का सामना कर रही हैं। आलम यह है कि कच्चे माल की कमी की वजह से गुरुवार को राज्य के 25 स्पंज आयरन इकाइयों ने उत्पादन बंद कर दिया है।

इस उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि मौजूदा स्थिति बरकरार रही तो अगले कुछ दिनों में कई और स्पंज आयरन इकाइयां उत्पादन बंद कर सकती हैं।

छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन विनिर्माण संघ के अध्यक्ष अनिल नचरानी ने आईएएनएस से कहा, "राष्ट्रीय खनिज विकास कारपोरेशन (एनएमडीसी) ने हमारा कोटा बढ़ाने से मना कर दिया है। इस वजह से यहां का स्पंज आयरन उद्योग कच्चे माल की जबरदस्त कमी का सामना कर रहा है।"

गौरतलब है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएमडीसी की छत्तीसगढ़ में तीन खदानें हैं। यहां के स्पंज आयरन इकाइयों को लौह अयस्कों की आपूर्ति पारंपरिक रूप से एनएमडीसी ही करती है।

छत्तीसगढ़ में स्पंज आयरन की 125 इकाइयां हैं। इनमें प्रति वर्ष 1.2 करोड़ टन लौह अयस्कों की खपत होती है। लेकिन नचरानी का कहना है कि एनएमडीसी केवल 25 लाख टन लौह अयस्कों की ही आपूर्ति करती है।

उधर एनएमडीसी के प्रवक्ता कुमार राघवन का कहना है कि छत्तीसगढ़ के स्पंज आयरन इकाइयों को लौह अयस्कों की आपूर्ति पांच गुना बढ़ा दी गई है। पहले इन इकाइयों को प्रति वर्ष मात्र पांच लाख टन लौह अयस्कों की आपूर्ति की जाती थी जिसे बढ़ाकर 25 लाख टन प्रति वर्ष कर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन विनिर्माण संघ ने इस्पात मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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