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हिंसा के बाद जम्मू कश्मीर में तनाव

By Staff
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कश्मीर में लोग हुर्रियत नेता शेख़ अब्दुल अज़ीज़ की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे
प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारी
भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर में हिंसा के बाद तनाव है और कश्मीर के सभी 10 ज़िलों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है. मंगलवार को वहाँ 13 लोग मारे गए थे.

पुलिस के अनुसार मंगलवार को कश्मीर घाटी के विभिन्न इलाक़ों में हिंसक भीड़ पर हुई पुलिस फ़ायरिंग में 13 लोग मारे गए थे और कई अन्य लोग घायल हुए थे.

श्रीनगर स्थित बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन ने बताया कि मंगलवार को फ़ायरिंग का विरोध करते हुए हज़ारों लोग ग़ाजीगुंड, अनंतनाग और गंदरबल क्षेत्रों में सड़कों पर उतर आए थे.

सोमवार से लेकर अब तक कश्मीर घाटी में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पों में 22 लोग मारे जा चुके हैं.

कश्मीर घाटी में लोग वरिष्ठ हुर्रियत नेता शेख़ अब्दुल अज़ीज़ की मौत के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे थे.

सोमवार को मुज़फ़्फ़राबाद मार्च करने की कोशिश कर रहे लोगों पर सेना की फ़ायरिंग में हुर्रियत नेता अज़ीज़ सहित सात लोगों की मौत हो गई थी और पूरी घाटी में तनाव फैल गया था.

घाटी के नेताओं ने जम्मू में चल रहे आंदोलन को कश्मीर की 'आर्थिक नाकाबंदी' की संज्ञा दी है.

इन नेताओं का कहना है कि राजमार्ग में बाधाओं के कारण फल उत्पादकों के पास पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के मुज़फ्फ़राबाद के रास्ते पाकिस्तान के बाज़ारों में जाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.

इसी कारण कुछ अलगाववादी नेताओं और उत्पादकों के साथ-साथ हज़ारों लोग सोमवार को मुज़फ़्फ़राबाद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे जब सेना ने उन्हें रोकने की कोशिश की और फिर फ़ायरिंग हुई.

हालाँकि सरकार का कहना है कि जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर सुरक्षाबल तैनात है और जो व्यापारी अपना सामान भेज रहे हैं उनके ट्रकों को सुरक्षा दी जा रही है.

बातचीत की कोशिश

दूसरी ओर मंगलवार को दिल्ली में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की एक बैठक गृहमंत्रालय में हुई जिसमें कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका.

इसके बाद केंद्र सरकार ने भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर के हालात का हल ढूंढने के लिए आंदोलनकारियों से बातचीत की इच्छा जताई है.

सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल की बैठक में बातचीत का कोई हल नहीं निकला

गृह मंत्री शिवराज पाटिल की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई सर्वदलीय बैठक में कहा गया कि शांति और सामान्य स्थिति की बहाली की संबद्ध पक्षों से बात की जानी चाहिए.

सर्वदलीय बैठक के बाद शिवराज पाटिल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,'' सरकार जम्मू और कश्मीर के संबंधित ग्रुपों से बात करेगी ताकि मसले को सभी पक्षों के अनुरूप सुलझाया जा सके.''

गृह मंत्री का कहना था कि दोनों पक्षों से बातचीत के बिना कोई हल नहीं निकल सकता है.

किश्तवाड़ में झड़पें

दूसरी ओर जम्मू में बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी के अनुसार जम्मू में मंगलवार को भड़के सांप्रदायिक दंगों के दौरान हुए विस्फोट में दो व्यक्ति की मौत हुई है और इसके बाद किश्तवाड़ के इलाक़े में सेना तैनात कर दी गई है.

जम्मू में संघर्ष समिति के नेतृत्व में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं पर अब स्थिति कुछ शांत है

पुलिस का कहना है कि यह मौत किश्तवाड़ में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच हुई झड़पों के कारण हुई है.

प्रशासन ने जम्मू में कर्फ़्यू में दिन भर की छूट दी थी. जम्मू में राजौरी में भी कर्फ़्यू में ढील दी गई लेकिन किश्तवाड़ में कर्फ़्यू दोबारा लागू कर दिया गया है.

पुलिस का कहना है कि किश्तवाड़ में हिंदू और मुसलमान दोनों कर्फ़्यू का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतर आए और उन्होंने एक दूसरे की संपत्तियों को नुक़सान पहुँचाया.

अधिकारियों का कहना है कि इसी बीच किसी ने भीड़ के बीच एक बम फेंक दिया जिससे दो लोगों की मौत हो गई.

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