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बीजिंग ओलंपिक : बिंद्रा के नाम रहा तीसरा दिन (राउंडअप)

By Staff
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बीजिंग/नई दिल्ली/चंडीगढ़, 12 अगस्त (आईएएनएस)। दो दिनों से निराश कर रहे निशानेबाजों की नाकामी को धोते हुए 25 वर्ष के भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने सोमवार को बीजिंग ओलंपिक में वह कारनामा कर दिखाया, जो भारत के खेल इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। बिंद्रा ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वे ओलंपिक की किसी व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले देश के पहले खिलाड़ी बन गए।

बिंद्रा के अलावा बैडमिंटन में सायना नेहवाल ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर पदक की उम्मीद बरकरार रखी, लेकिन पुरुष वर्ग में अनूप श्रीधर ने निराश किया। टेनिस में भारत की शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी सानिया मिर्जा पर चोट हावी रही। कलाई की चोट के कारण उन्हें पहले ही मुकाबले से हटना पड़ा। हालांकि मैच से हटते समय वे अपनी प्रतिद्वंद्वी चेक गणराज्य की इवेता बेनेसोवा के खिलाफ एक सेट हारने के बाद दूसरे सेट में भी पीछे चल रही थीं। इसके अलावा नौकायन और तैराकी में भी भारत को कोई सफलता नहीं मिली।

कुल मिलाकर तीसरा दिन पूरी तरह बिंद्रा की सफलता के नाम रहा। ओलंपिक में स्वर्ण का सूखा खत्म होने से खुश राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित लगभग सभी बड़े नेताओं ने बिंद्रा को बधाई दी। इसके अलावा पूर्व ओलंपियनों और कपिल देव तथा महेंद्र सिंह धोनी जैसे क्रिकेटरों ने भी अभिनव को बधाई दी। खेलमंत्री और भारतीय ओलंपिक संघ के प्रमुख भी पीछे नहीं रहे। बिंद्रा के नाम पुरस्कारों की झड़ी लग गई। एक घंटे के अंदर करोड़ों रुपये के पुरस्कारों की घोषणा हो गई।

बिंद्रा की सफलता पर देशवासी भी फूले नहीं समाए। उन्होंने पूरे दिन तिरंगे के साथ जश्न मनाया। बिंद्रा के पिता ने चंडीगढ़ स्थित अपने फार्म हाउस में पत्रकारों से कहा कि उनका बेटा सही मायने में 'किंग' है क्योंकि उसने सिख समुदाय के साथ-साथ देश का मान बढ़ाया है।

बिंद्रा ने सोमवार को 700.5 अंकों के साथ स्वर्ण जीता। ओलंपिक में भारत को 28 साल बाद स्वर्ण मिला। 1980 के मास्को ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने स्वर्ण जीता था। जीत के बाद बिंद्रा ने कहा कि उन्हें आशा है कि उनकी यह सफलता भारत में खेलों की दशा और दिशा बदलने का काम करेगी।

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अलावा लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय इस्पात मंत्री रामविलास पासवान और रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने भी बिंद्रा को इस कामयाबी पर बधाई दी।

राष्ट्रपति ने कहा कि अभिनव को एक अरब देशवासियों के सपने का अहसास था, यही कारण है कि उन्होंने अपनी पूरी क्षमता लगाते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक जीता। अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा, "मैं इस बात को लेकर आत्यधिक खुश और गर्व महसूस कर रही हूं कि आपने एक अरब देशवासियों के सपने को महसूस करते हुए ओलंपिक में स्वर्ण जीता।"

बैडमिंटन की बात की जाए तो सायना अपनी दूसरी जीत के साथ अंतिम आठ में जगह बनाने में सफल रहीं, वहीं पुरुष वर्ग में अनूप श्रीधर को दूसरे दौर में हार का सामना करना पड़ा। 18 वर्ष की सायना ने शानदार खेल दिखाते हुए दुनिया की छठी वरीयता प्राप्त हांगकांग की खिलाड़ी वांग चेन को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की।

दुनिया की 15वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी सायना ने वांग को 21-19, 11-21, 21-11 से पराजित किया। सायना ने जीत के बाद कहा, "मैं बिना किसी महत्वकांक्षा के खेल रही हूं, क्योंकि यह मेरा पहला ओलंपिक है। मैं बस अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती हूं। ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में पहुंचना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।"

दूसरी ओर, पुरुष वर्ग में देश के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त खिलाड़ी श्रीधर दूसरे दौर में हार गए। श्रीधर को जापान के खिलाड़ी सोजी सातो ने 21-13, 21-17 से पराजित किया। मैच के बाद श्रीधर ने कहा, "मैं अपने लय में नहीं था। अच्छे खेल के बावजूद हार जाना वाकई दुखद है। जो हुआ, उसे स्वीकार करके आगे देखने में समझदारी है। ओलंपिक में शिरकत करना ही मेरे लिए बहुत बड़ी सफलता है। ओलंपिक के अगले अंक में अगर खेलने का मौका मिला तो मैं अपने प्रदर्शन में सुधार लाने की कोशिश करूंगा।"

तैराकी के क्वालिफाइंग दौर में 40वें स्थान पर आने के साथ ही भारत के तैराक रेहान पोंचा की चुनौती समाप्त हो गई। पोंचा 200 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा के क्वालिफाइंग दौर में 44 तैराकों के बीच 40वें स्थान पर रहे। 22 वर्ष के पोंचा ने अपनी दूसरी हीट में 2 मिनट 01.89 सेकेंड समय निकाला। क्रोएशिया के निकसा रोकी एक मिनट 59. 58 सेकेंड समय के साथ पहले स्थान पर रहे।

बीजिंग ओलंपिक में शिरकत कर रहे भारत के एकमात्र नाविक नक्षत्र सिंह जोहल नौकायन स्पर्धा की छह दौड़ के बाद निराशाजनक रूप से 23वें स्थान पर चल रहे हैं। कुल 86 नेट पेनाल्टी अंक हासिल कर चुके जोहल सोमवार चेक गणराज्य के माइकल मेयर (95 अंक), चीन के पेंग झांग (97 अंक) और वेनेजुएला को सेनेन बिल्बाओ (111) से ही आगे रह सके। सोमवार की पहली दौड़ में हालांकि जोहल ने सुधरा हुआ प्रदर्शन किया। वे पांचवीं दौड़ से ग्यारह पेनाल्टी अंक जुटाकर पांचवें स्थान पर रहे थे, लेकिन छठी दौड़ में वे 24 पेनाल्टी अंक देकर 24वें स्थान पर खिसक गए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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