जम्मू में हालात सामान्य, कर्फ्यू में ढील

इसके पहले क्षेत्र में कर्फ्यू में सुबह पांच से दोपहर 11 बजे तक केवल छह घंटे की ढील दी जाती थी। प्रशासन ने यह फैसला अमरनाथ भूमि विवाद को लेकर हो रहे हिंसक प्रदर्शनों में आई कमी को देखते हुए लिया है। इसके अलावा जम्मू क्षेत्र के कठुआ और भद्रवाह जिलों से कर्फ्यू हटा लिया है
अधिकारियों ने बताया कि अमरनाथ श्राइन बोर्ड को भूमि आवंटन रद्द करने के खिलाफ प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहे, लेकिन किसी अप्रिय घटना का समाचार नहीं है।
अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति द्वारा बंद की अवधि गुरुवार तक बढ़ाने के आह्वान के बाद दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और शैक्षणिक संस्थान सोमवार को भी बंद हैं।
गांधी नगर इलाके के एक दुकानदार बिशन दास ने कहा,"जब तक श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड को भूमि वापस लौटाने की हमारी मांग पूरी नहीं होती, हम आंदोलन का समर्थन करते रहेंगे।" उसने कहा कि जम्मू में आंदोलन शुरू होने के बाद से करीब 40 दिन से उसने दुकान नहीं खोली है।
जोगिंदर सिंह नाम के कॉलेज के एक छात्र ने कहा कि चाहे जितना समय लग जाए, जब तक कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आता हम आंदोलन जारी रखेंगे।
जम्मू क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना के हजारों जवानों को तैनात किया गया है। अमरनाथ भूमि विवाद के कारण पिछले पांच सप्ताह से जारी हिंसक प्रदर्शनों के कारण जम्मू क्षेत्र में हालात काफी खराब हो गए थे।
प्रदर्शनकारियों द्वारा कश्मीर घाटी को जाने वाले एकमात्र रास्ते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करने से घाटी में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो गई थी।
सेना को राजमार्ग से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बुलाया गया था। राज्य के अधिकारियों ने कहा कि राजमार्ग पर वाहनों का संचालन पुन: शुरू हो गया है।


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