• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

'व्यापारी वैकल्पिक रास्ता न अपनाएँ'

By Staff
|

पाटिल ने कहा है कि सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना पहली प्राथमिकता है
गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने भारत प्रशासित कश्मीर के व्यापारियों से अपील की है कि वे जम्मू में जारी आंदोलन के कारण वैकल्पिक रास्ता नहीं अपनाएँ.

शिवराज पाटिल ने उम्मीद जताई है कि अमरनाथ ज़मीन विवाद का ऐसा हल ढूँढ लिया जाएगा जो सभी पक्षों को स्वीकार हो.

उन्होंने कहा, "इससे भी पेचीदे मसले हल हो सकते हैं तो हम इसका भी हल निकाल लेंगे."

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ जम्मू के बाद श्रीनगर पहुँचे शिवराज पाटिल ने स्थानीय दलों के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की.

इसके बाद उन्होंने कहा कि सभी पक्षों ने कुछ अहम सुझाव दिए हैं जिन पर विचार किया जाएगा.

उन्होंने ज़मीन विवाद के मुद्दे पर जम्मू में जारी आंदोलन के कारण घाटी के फल उत्पादकों को हुए नुकसान की भरपाई करने का भी आश्वासन दिया.

जिन उत्पादकों को नुकसान हुआ है उन्हें मुआवज़ा दिया जाएगा. हमने राज्य सरकार से कहा है कि वो फल उत्पादकों और व्यापारियों से नुकसान का आँकड़ा जुटाएं

गृह मंत्री ने कहा, "हमें बताया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रक आ-जा रहे हैं, लेकिन फिर भी अगर व्यापारियों को सुरक्षा चाहिए तो पूरी सुरक्षा दी जाएगी."

स्थानीय चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के सदस्यों को भी बातचीत के लिए बुलाया गया था लेकिन देरी होने पर वो बिना बात किए चले गए.

मुआवज़ा

उनका कहना था, "जिन उत्पादकों को नुकसान हुआ है उन्हें मुआवजा दिया जाएगा. हमने राज्य सरकार से कहा है कि वो फल उत्पादकों और व्यापारियों से नुकसान का आँकड़ा जुटाएं."

उन्होंने अपील की कि व्यापारी वैकल्पिक रास्ते से जाने का आह्वान वापस ले लें. उनका कहना था, "ये न राज्य के हित में है और न देश के हित में होगा."

ग़ौरतलब है कि व्यापारियों ने श्रीनगर और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के मुज़फ्फ़राबाद के बीच सड़क पूरी तरह खोलने और इस मांग के समर्थन में सोमवार को मुज़फ़्फ़राबाद मार्च करने की घोषणा की है.

जम्मू में ज़मीन वापस लेने के विरोध में आंदोलन चल रहा है

पीपुल्स डेमोक्रैटिक पार्टी (पीडीपी) ने इसका समर्थन किया है और अपने प्रतिनिधियों को भी व्यापारियों के साथ भेजने की घोषणा की है.

ये पूछने पर कि जम्मू में आंदोलन के दौरान जिन लोगों के घरों और संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया गया है क्या उन्हें भी मुआवज़ा दिया जाएगा, इस पर गृह मंत्री का कहना था, "हम उन्हें भी मुआवज़ा देंगे. उन्हें राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों से मदद मिलेगी."

लेकिन गृह मंत्री ने ऐसे लोगों की संख्या बताने से इनकार कर दिया जिन्हें नुकसान पहुँचा है.

उन्होंने बताया कि कश्मीर के दवा व्यापारियों को सीधे दिल्ली से दवा मंगाने की अनुमति दे दी गई है. पहले उन्हें जम्मू स्थित थोक विक्रेताओं से दवाएँ मँगानी पड़ती थी.

अमरनाथ का मुद्दा

ये पूरा विवाद तब शुरु हुआ था जब कांग्रेस के नेतृत्व और पीडीपी के सहयोग वाली ग़ुलाम नबी आज़ाद सरकार ने अस्थायी तौर पर सौ एकड़ ज़मीन अमरनाथ यात्रियों की व्यवस्था के लिए अमरनाथ मंदिर बोर्ड को देने का फ़ैसला किया.

ज़मीन देने के फ़ैसले का घाटी में विरोध हुआ था

इस पर कश्मीर घाटी में ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन हुए, पीडीपी ने सरकार में फ़ैसले के समय शामिल होने के बावजूद अपना पल्ला झाड़ लिया और सरकार से समर्थन वापस ले लिया.

हालाँकि सरकार ने ये फ़ैसला वापस ले लिया लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार विधानसभा में समर्थन नहीं जुटा पाई और सत्ता से बाहर हो गई.

अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने का फ़ैसला वापस लेने पर और अमरनाथ यात्रा की ज़िम्मेदारी बोर्ड की जगह सरकार के हाथ में आ जाने के कारण जम्मू क्षेत्र में भीषण प्रदर्शन शुरु हो गए, जो अब भी जारी है.

अमरनाथ संघर्ष समिति की माँग है कि अमरनाथ बोर्ड को ज़मीन दी जाए और अमरनाथ यात्रा की ज़िम्मेदारी फिर बोर्ड ही निभाए.

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more