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बीजिंग ओलंपिक : चीनी भाषा नहीं आती तो इशारे का ही सहारा!

By Staff
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बीजिंग, 10 अगस्त (आईएएनएस)। अगर आपको चीनी भाषा का ज्ञान नहीं है और आप बीजिंग में अपनी बात कहना चाहते हैं तो अंग्रेजी का बेहतरीन जानकार होने के बावजूद आपकी कोई मदद नहीं कर सकता।

यह सच है कि ओलंपिक के दौरान बीजिंग पहुंचने वाले दर्शकों से अंग्रेजी में बात करने के लिए चीन ने ओलंपिक स्वयंसेवकों को खासतौर पर अंग्रेजी सिखाई, लेकिन उनकी अंग्रेजी इतनी 'कमाल' की है कि आपको कुछ समझ में नहीं आएगा।

ऐसी स्थिति में आपकी मदद चीनी भाषा ही कर सकती है क्योंकि बीजिंग के लोगों को दूसरी भाषा का तनिक भी ज्ञान नहीं।

आप अगर सोच रहे हों कि साधारण अंग्रेजी बोलकर आप किसी कैब ड्राइवर को अपने गंतव्य के बारे में समझा देंगे तो भी आप गलत हैं।

इस हालात में आपको क्या करना चाहिए सोच लीजिए। एक रास्ता है। इशारों की भाषा आपके काम आ सकती है। आखिर यही एक भाषा है, जिसे दुनिया भर के लोग समझ सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपकी कल्पनाशक्ति कमाल की होनी चाहिए क्योंकि आपको कहां जाना है और क्या खाना है यह बताने के लिए किस तरह के इशारे करने हैं, यह केवल कल्पना के जरिए ही समझा और समझाया जा सकता है।

इसके अलावा आप अपनी मदद के लिए कुछ ऐसे चीनी शब्दों का मतलब जितनी जल्दी हो सके समझ लीजिए, जिनका उपयोग रोजमर्रा की जिंदगी में होता है। मसलन, अगर आपको धन्यवाद कहना है तो कहिए 'जेई-जेई' और अगर आपको 'कैसे हैं' कहना है तो कहिए 'नी हाओ'।

हां, बीजिंग से रवाना होते समय 'साई चेन' कहना न भूलें, जिसका मतलब अलविदा होता है। अगर कामचलाऊ चीनी बोलते वक्त आपसे कोई गलती हो जाती है तो माफी मांगने के लिए कहिए 'बाओ चेन'।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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