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बीजिंग ओलंपिक : निशानेबाजों और तीरंदाजों ने किया निराश, बैडमिंटन में जगी आस (राउंडअप)

By Staff
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बीजिंग, 10 अगस्त (आईएएनएस)। बीजिंग ओलंपिक के दूसरे दिन भी भारत के दिग्गज निशानेबाज और होनहार तीरंदाज जब कोई बड़ी सफलता नहीं दिला सके तब बैडमिंटन खिलाड़ियों ने आगे बढ़कर करोड़ों देशवासियों की पदक की आस बरकरार रखी।

शनिवार को एकल मुकाबलों के दूसरे दौर में पहुंचने वाली देश की शीर्ष वरीयता प्राप्त महिला बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल जहां रविवार को अंतिम-16 में जगह बनाने में सफल रहीं, वहीं पुरुष वर्ग में अनूप श्रीधर ने आशा के अनुरूप शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरे दौर में स्थान सुरक्षित किया।

रविवार सुबह सायना ने उक्रेन की ग्रेग्या लैरीसा को आधे घंटे में 21-18, 21-10 से पराजित कर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। प्री-क्वार्टर फाइनल में सायना का सामना दुनिया की चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चीन की वांग चेन से हो सकता है। शनिवार को खेले गए पहले दौर के मुकाबले में सायना ने रूस की इला काराचकोवा को 21-9, 21-8 से पराजित किया था।

दूसरी ओर, दुनिया के 29वीं वरीयता प्राप्त बैडमिंटन खिलाड़ी श्रीधर एकल वर्ग के दूसरे दौर में पहुंच गए। श्रीधर ने रविवार को खेले गए पहले दौर के मुकाबले में विश्व वरीयता क्रम में अपनी रैंकिंग के साथ न्याय करते हुए पुर्तगाल के मार्को वास्कोंसेलोस को 21-16, 21-14 से पराजित किया। दूसरे दौर में श्रीधर का सामना जापान के सोजी सातो से होगा।

पहले दिन की तरह दूसरे दिन भी निशानेबाजों ने निराश किया। विश्व चैंपियन मानवजीत सिंह संधू और अनुभवी मानशेर सिंह पुरुषों की ट्रैप स्पर्धा से बाहर हो गए। पहले दिन शनिवार को अंजलि भागवत, अवनीत कौर संधू और समरेश जंग अपनी-अपनी स्पर्धाओं में क्वालिफाई भी नहीं कर सके थे।

क्वालिफाइंग दौर में मानशेर जहां आठवें स्थान पर रहे, वहीं मानवजीत ने 12वां स्थान हासिल किया। क्वालिफाइंग दौर के शीर्ष छह निशानेबाज फाइनल में पहुंचने में सफल रहे।

चौथी बार ओलंपिक में शिरकत कर रहे मानशेर हालांकि पहले दिन हुए दो राउंड में शानदार प्रदर्शन के बाद फाइनल में स्थान बनाते दिख रहे थे, लेकिन तीसरे दौर में वे अधिकतम 25 में से 20 अंक ही हासिल कर सके। इस खराब प्रदर्शन ने उन्हें फाइनल की दौड़ से बाहर कर दिया।

मानशेर रविवार को अंतिम दो राउंड में दो बार निशाना लगाने से चूक गए। पहले दिन 69 अंक जुटाने वाले मानशेर 35 निशानेबाजों के बीच आठवें स्थान पर रहे। उन्होंने अधिकतम 125 अंकों में से 117 अंक हासिल किए।

दूसरी ओर, शनिवार को पहले दो राउंड में अधिकतम 25 में से 23-23 अंक हासिल करने वाले मानवजीत ने तीसरे राउंड में 24 अंक हासिल कर अपनी स्थिति सुधारी थी, लेकिन रविवार को वे चौथे राउंड में 22 अंक ही हासिल कर सके। इस खराब प्रदर्शन का नतीजा हुआ कि फाइनल राउंड में 24 अंक हासिल करने के बावजूद वे पदक की दौड़ में शामिल नहीं हो सके। 116 अंकों के साथ मानवजीत 12वें स्थान पर रहे।

रूस के एलेक्सी एलीपोव ने 121 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि चेक गणराज्य के डेविड कोस्टेलेकी दूसरे स्थान पर रहे। मानवजीत ने कहा, "मैं अपने प्रदर्शन से निराश हूं। हालांकि मेरा खेल इतना भी खराब नहीं रहा। कभी-कभी स्थिति पर आपका नियंत्रण नहीं रहता। मैं चौथे राउंड में अपने निर्धारित लक्ष्य के हिसाब से प्रदर्शन नहीं कर सका।"

मानशेर ने स्वीकार किया कि तीसरे राउंड में 25 में से सिर्फ 20 अंक हासिल करने के कारण वे प्रतियोगिता से बाहर हो गए। उन्होंने कहा, "मैं क्या कहूं। मैंने काफी प्रयास किया, लेकिन नतीजा मेरे पक्ष में नहीं रहा। अगर मुझे एक राउंड में 25 अंक मिल जाते और तीन बार 24-24 अंक मिल जाते तो मैं आगे बढ़ सकता था। मैं जानता था कि बीजिंग में कठिन परीक्षा होगी। पीठ में दर्द के कारण मैं उस स्तर तक तैयारी नहीं कर पाया था, जिस स्तर की तैयारी की ओलंपिक में जरूरत होती है।"

उधर, तीरंदाजी की व्यक्तिगत रैंकिंग स्पर्धाओं में शनिवार को निराशाजनक प्रदर्शन करने वाली भारत की महिला तीरंदाजों ने रविवार को पदक जीतने का सुनहरा अवसर गवां दिया। टीम स्पर्धा में बाई हासिल करने के बाद अंतिम आठ में स्थान बनाने वाली भारतीय टीम चीन के हाथों हार गई।

क्वार्टर फाइनल मुकाबले में चीन ने उसे 211-209 से पराजित कर सेमीफाइनल में स्थान सुरक्षित किया। दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया ने विश्व रिकार्ड के साथ सेमीफाइनल के लिए स्थान पक्का किया। कोरिया की टीम ने अधिकतम 240 अंकों में से 231 अंक हासिल किए। ब्रिटेन और फ्रांस की टीमें भी सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहीं।

इससे पहले एक बार चीन को पराजित कर चुकीं भारतीय तीरंदाजों ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कुछ खास संघर्ष नहीं किया। भारतीय टीम में विश्व चैंपियन डोला बनर्जी, दूसरी बार ओलंपिक में शिरकत कर रहीं एल. बांबेल्या देवी और वी. प्रनीथा शामिल थीं।

एक साल पहले भारत ने डोला के नेतृत्व में एमसीसी कप में लंदन के लॉर्ड्स स्टेडियम में चीन को हराकर खिताब जीता था, लेकिन इस बार भारतीय टीम अपनी सदस्य प्रनीथा के खराब खेल के कारण हार गई।

टीम की हार के बाद भारतीय टीम के प्रबंधक के.एस. कांग ने कहा, "हमने अपनी क्षमता के साथ न्याय नहीं किया। हम यह मैच आसानी से जीत सकते थे। हमारी कुछ तीरंदाजों ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। अब हमारे पास व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पदक जीतने का मौका है।"

व्यक्तिगत मुकाबलों में बांबेल्या का सामना पोलैंड की इवोना मारसिंकीविज के साथ होना है, जबकि डोला मेरी पीयर ब्यूडेट के साथ भिड़ेंगी। भारत की तीसरी और सबसे युवा खिलाड़ी प्रनीथा आस्ट्रेलिया की जेन वॉलर से भिड़ेंगी।

दूसरे दिन जल स्पर्धाओं में भी बुरा हाल रहा। नौकायन में जहां नक्षत्र सिंह जोहल ने दूसरे दिन भी खराब प्रदर्शन जारी रखा, वहीं तैराकी में प्रतिभाशाली वीरधवल खेड़े और रोइंग में देवेंद्र कुमार खंडेलवाल तथा मनजीत सिंह की जोड़ी फिसड्डी साबित हुई।

बीजिंग ओलंपिक में हिस्सा ले रहे भारत के एकमात्र नाविक जोहल रविवार को हीट की तीसरी और चौथी दौड़ में सिर्फ 23 और 24 अंक हासिल करने के कारण अपने प्रतिद्वंद्वी नाविकों के बीच सबसे पीछे पहुंचते दिखे।

शनिवार को जोहल ने पहली दौड़ में चौथा स्थान हासिल किया था। इसके बाद वे दूसरी दौड़ में 24वें स्थान पर खिसक गए थे। इस खराब प्रदर्शन ने उन्हें प्रतियोगिता में 22वें स्थान पर धकेल दिया।

तैराकी में भारतीय चुनौती की बात करें तो 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में सातवें स्थान पर आने के साथ ही होनहार तैराक वीरधवल खेड़े की उम्मीदें तरणताल में डूब गइर्ं। सोलह साल के खेड़े ने एक मिनट 51. 86 सेकेंड समय में अपना हीट पूरा किया।

खेड़े ने हालांकि हीट में अच्छी शुरुआत की थी। पहले 50 मीटर तक वे चौथे स्थान पर रहे थे, लेकिन अगले 50 मीटर में वे छठे स्थान पर खिसक गए। तीसरे चक्कर के बाद खेड़े सातवें स्थान पर पहुंच गए। इसके बाद वे अपनी स्थिति बेहतर नहीं कर सके।

दूसरी ओर, भारत की रोइंग टीम निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए पांचवें स्थान पर रही। देवेंद्र कुमार खंडेलवाल और मनजीत सिंह पुरुषों की लाइटवेट डबल स्कल्स के दूसरे हीट में अंतिम स्थान पर रहे।

भारतीयों ने 6 मिनट 37.13 सेकेंड समय लिया, जबकि इटली के मार्सेलो मियानी और एलिया लुनीनी ने भारतीय जोड़ी से 21 सेकेंड बेहतर समय के साथ जीत हासिल की। इटली की जोड़ी सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही, जबकि भारतीय जोड़ी को अब स्वदेश वापसी के लिए अपना बोरिया-बिस्तर बांधना होगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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