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जाली नोट मामले की जाँच सीबीआई से

By रामदत्त त्रिपाठी
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स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की सिद्धार्थनगर शाखा से करीब सवा करोड़ के नकली नोट मिले थे
उत्तर प्रदेश सरकार ने नेपाल से सटे सिद्धार्थनगर में मिले जाली नोटों के मामले की जाँच सीबीआई से कराने की सिफ़ारिश करने का फ़ैसला किया है.

राज्य पुलिस का कहना है कि नकली नोटों के मामले के तार देश के बाहर से भी जुड़े हैं इसलिए सही तरीक़े से जाँच के लिए इसे केंद्रीय जाँच ब्यूरो को सौंपने का निर्णय लिया गया है.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले की जाँच सीबीआई से कराने की औपचारिकताएँ पूरी की जा रही हैं.

फैलता कारोबार

उत्तर प्रदेश में नकली नोटों का यह तीसरा मामला होगा जिसकी जाँच राज्य सरकार सीबीआई से कराने की सिफ़ारिश कर रही है.

राज्य सरकार ने पहले इस मामले की जाँच राज्य पुलिस के विशेष जाँच दल से कराने का फ़ैसला लिया था.

कुछ दिन पहले नेपाल की सीमा पर सिद्धार्थनगर ज़िले के डुमरियागंज कस्बे में एक सरकारी बैंक की तिजोरी में लगभग सवा करोड़ रुपए के नकली नोट मिले थे.

भारतीय रिज़र्व बैंक के अधिकारियों ने डुमरियागंज में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की तिजोरी से ये रुपए बरामद किए थे.

पुलिस ने इस सिलसिले में उस बैंक के कैशियर सुधाकर त्रिपाठी और आबिद नाम के एक व्यक्ति को गिरफ़्तार भी किया था.

पुलिस के मुताबिक़ सिर्फ़ उत्तर प्रदेश में ही इस साल नकली नोटों के 77 मामले दर्ज किए जा चुके हैं.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बृजलाल ने कहा कि नकली नोटों का यह मामला सीबीआई जाँच के लिए उपयुक्त है.

रिज़र्व बैंक के अधिकारियों का एक दल स्टेट बैंक की डुमरियागंज शाखा के करीब 1.87 अरब रुपए की जाँच कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि इससे कुछ और नकली नोट मिल सकते हैं.

बृजलाल का कहना है कि भारत में नेपाल और बांग्लादेश से नकली नोट लाए जा रहे हैं.

वे कहते हैं, "भारतीय रिज़र्व बैंक को एक साल पहले ही पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बैंकों में नकली रुपयों की जाँच के लिए सतर्क किया गया था लेकिन कोई क़दम नहीं उठाया गया."

देश से बाहर फैले हैं तार

सीबीआई के पास ऐसे मामलों की जाँच के लिए विशेषज्ञता है

ख़बरों के मुताबिक़ भारत में नकली नोट मध्य-पूर्व और पूर्वी एशिया के देशों के रास्ते पहुँचता है. इन देशों में भारतीय बड़ी संख्या में काम करते हैं.

ये वो देश हैं जहाँ के लिए भारत ने सीधी विमान सेवाएँ हाल ही में शुरू की हैं. कहा जाता है नकली नोटों के सौदागर कुछ भारतीय लोगों को नोटों का वाहक बनने के लिए राज़ी कर लेते हैं.

उत्तर प्रदेश से पहले राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और गुजरात में भी नकली नोट मिलते रहे हैं.

सबसे आश्चर्यजनक बात तो यह है कि दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, कोचिन, बंगलौर, हैदराबाद हवाई अड्डों पर भी नकली नोट पकड़े गए हैं. हवाई अड्डों पर कोलंबो, बैंकॉक और दुबई से आए विमानों से नकली नोट बरामद हुए थे.

ये नकली नोट असली नोटों से बिल्कुल मेल खाते हैं. कभी-कभी तो बैंक अधिकारी तक इन्हें पहचानने में चकमा खा जाते हैं.

'तय प्रक्रियाओं का पालन नहीं'

कथित तौर पर इस तरह के मामले भी सामने आए हैं जब बैंक काउंटर और एटीएम मशीन के ज़रिए ये नकली नोट बाज़ार में पहुँचे हैं.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नकली नोटों का उपयोग मुस्लिम चरमपंथियों को मदद पहुँचाने में भी किया जाता है.

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक विक्रम सिंह ने उत्तर प्रदेश के सभी बैंकों की एक बैठक बुलाई है. इसमें नकली नोटों पर अंकुश लगाने के बारे में विचार किया जाएगा.

इस बीच स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक शिव कुमार ने कहा, "बैंक प्रबंधन पूरी एहतियात बरत रहा है ताकि उसके काउंटर या एटीएम से नकली नोट न बँट सकें."

हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि डुमरियागंज का मामला गंभीर है. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बैंकों के स्थानीय अधिकारी नकली नोटों की जाँच की तय प्रक्रियाओं का पालन नहीं करते.

मुख्य महाप्रबंधक को लगता है कि नकली नोट के कारोबारियों ने बैंक से कैशियर की मदद से असली नोट निकालकर जाली नोट रख दिए.

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