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भारी सुरक्षा के बीच सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल जम्मू पहुंचा (लीड-2)

By Staff
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जम्मू, 9 अगस्त (आईएएनएस)। अमरनाथ भूमि विवाद का वार्ता के जरिए हल तलाशने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल के नेतृत्व में 18 सदस्यीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को भारी सुरक्षा के बीच जम्मू पहुंचा।

इस बीच, अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति (एवाईएसएस) के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारी आज भी सड़कों पर उतर आए। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने कर्फ्यू तोड़ने का प्रयास भी किया। प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। इसके मद्देनजर पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौंबंद कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मौजूदा स्थिति की समीक्षा करेंगे और आंदोलनकारी एवाईएसएस के सदस्यों समेत अन्य प्रमुख राजनीतिक दलों से बातचीत करेंगे। बाद में यह प्रतिनिधमंडल कश्मीर घाटी का भी दौरा करेगा। पिछले एक महीने से भी अधिक समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों और झड़पों में अब तक कम से कम 15 लोग मारे जा चुके हैं।

एवाईएसएस द्वारा केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने से इंकार कर देने से बातचीत से पहले ही गतिरोध उत्पन्न हो गया है।

एवाईएसएस ने कहा है कि वह इस प्रतिनिधिमंडल से बात नहीं करेगी, क्योंकि इसमें वे लोग शामिल हैं, जो इस भूमि विवाद के लिए "उत्तरदायी" हैं। एवाईएसएस के अध्यक्ष लीला करन शर्मा ने आईएएनएस को बताया, "हमने सर्वदलीय बैठक में भाग लेकर अपने विचार रखने का फैसला किया था, लेकिन उसमें तीन प्रमुख कश्मीरी नेताओं- केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सैफुद्दीन सोज, नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक फारूक अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की मौजूदगी ने हमें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और वार्ता का बहिष्कार करने के लिए विवश किया।"

उन्होंने कहा, "राज्य में जो आग लगी है, उसके लिए सोज, महबूबा और फारूक जिम्मेदार हैं। वे अपराधी हैं। हम उनसे बात कैसे कर सकते हैं।"

राज्य सरकार के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि बातचीत के कार्यक्रम में फेरबदल किया गया है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य अब पहले जम्मू की राजनीतिक पार्टियों, चाहे वे राष्ट्रीय या क्षेत्रीय, के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। उसके बाद शाम चार बजे वे मीडिया को इस बारे में जानकारी देंगे।

सर्वदलीय बैठक के मद्देनजर सेना ने निषेधाज्ञा कड़ाई से लागू कर रखी है। पिछले तीन दिनों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब कर्फ्यू में एक मिनट की भी ढील नहीं दी गई। अधिकारी ने बताया, "हम कोई परेशानी नहीं चाहते।"

प्रशासन की आश्ांका की वजह पिछले सप्ताह की वह घटना है, जब प्रदर्शनकारियों ने फारूक तथा महबूबा के यहां पहुंचने पर हवाई अड्डे और राजभवन की घेराबंदी कर दी थी। दोनों नेता राज्यपाल एन.एन. वोहरा के साथ सर्वदलीय बैठक में शिरकत के लिए आए थे।

इस प्रतिनिधिमंडल में भारतीय जनता पार्टी के अरूण जेटली, समाजवादी पार्टी के अमर सिंह, कांग्रेस के पृथ्वीराज चव्हाण, श्रीप्रकाश जायसवाल और मोहसिना किदवई, जनता दल युनाइटेड के के. सी. त्यागी, लोक जनशक्ति पार्टी रामचंद्र पासवान, राष्ट्रीय जनता दल के रघुवंश प्रसाद सिंह, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के ए. राजा, शिरोमणि अकाली दल के नरेश गुजराल, बहुजन समाज पार्टी के अख्तर हसन, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सीतराम येचुरी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के डी. राजा शामिल हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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