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जम्मूकश्मीर के हालात का फायदा उठा सकते हैं आतंकवादी : सैन्य अधिकारी

By Staff
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जम्मू, 8 अगस्त (आईएएनएस)। अमरनाथ भूमि विवाद को लेकर जम्मू कश्मीर में बने मौजूदा अस्थिर हालात का आतंकवादी फायदा उठा सकते हैं। यह चेतावनी सेना के एक वरिष्ठ कमांडर ने यहां शुक्रवार को दी।

नौंवीं कोर के जनरल कमांडिंग आफीसर लेफ्टिनेंट जनरल विनय शर्मा ने सुबह पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हमें सबसे ज्यादा आशंका इस बात की है कि आतंकवादी प्रदर्शनकारियों के बीच विस्फोट कर जान-माल का भारी नुकसान कर सकते हैं।"

राज्य का प्रवेश द्वार समझे जाने वाले लखनपुर से लेकर जम्मू तक सेना के जवान तैनात किए गए हैं। सेना के जवान जम्मू-पठानकोट राजमार्ग तथा रेल पटरियों पर नजर रख रहे हैं।

शर्मा ने कहा कि प्रदर्शनकारी संभवत: आतंकवादियों के मंसूबों से वाकिफ नहीं हैं। आतंकवादी जनता को नुकसान पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

शर्मा ने कहा कि सेना के जवान केवल तभी तक सड़कों और राजमार्गो पर हैं, जब तक हालात के मुताबिक उनकी जरूरत है। उन्होंने कहा, "एक बार स्थिति सामान्य होते ही वह अपनी जगह लौट जाएंगे।"

नौंवीं कोर के करीब 10, 000 जवान जम्मू में हैं और राज्य में दाखिल होने वाले ट्रकों और यात्री वाहनों को सुरक्षा मुहैया करवा रहे हैं।

शर्मा ने कहा, "यहां कोई आर्थिक नाकेबंदी नहीं है। ऐसी बातों में कोई सच्चाई नहीं है।"

कश्मीर घाटी के कई नेता हालात को और तनावपूर्ण बढ़ाने के लिए "आर्थिक नाकेबंदी" शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता हरिओम ने कहा कि ये नेता पाकिस्तान के इशारे पर कश्मीर में गड़बड़ी फैलाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की महबूबा मुफ्ती और हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता मीरवाइज उमर फारूक में कोई अंतर नहीं है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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