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आगंतुकों के स्वागत के लिए बीजिंग ने पसारीं बाहें

By Staff
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तरुण बासु

तरुण बासु

बीजिंग, 8 अगस्त (आईएएनएस)। 29 वें ओलंपिक खेल समारोह के आगाज के मौके पर इससे अधिक उपयुक्त अखबारी सुर्खी भला क्या हो सकती है! शुक्र्रवार की सुबह जब चीनियों ने बीजिंग से निकलने वाले एकमात्र अंग्रेजी दैनिक 'चायना डेली' के प्रथम पृष्ठ पर अपनी बेसब्र नजरें दौड़ाई होंगी, तो 'दुनिया का स्वागत है' वाली सुर्खी ने उन्हें जरूर रोमांच और गर्व से भर दिया होगा। बतौर भारतीय आपको यह जानकर खुशी होगी कि यह सुर्खी किसी चीनी पत्रकार ने नहीं, बल्कि एक भारतीय पत्रकार ओ़ पी. राणा ने लिखी है।

राणा उन भारतीय पत्रकारों में से हैं, जो खेल के इस महाकुंभ की कवरेज के लिए बीजिंग और शंघाई में जमे हुए हैं। उनकी रिपोर्ट चायना डेली में छप रही है। उनके द्वारा लिखी गई यह रिपोर्ट इस खेल की मेजबानी को लेकर करोड़ों चीनियों की मंशा का भी इजहार करती है।

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ओलंपिक के यादगार लम्हों के गवाह बनेंगे 80 राष्ट्राध्यक्ष व प्रतिनिधि

दुनिया के सबसे बड़े व सर्वाधिक रोमांचक खेल समारोह का गवाह बनने वालों में 80 राष्ट्राध्यक्ष और विभिन्न देशों की सरकारों के प्रमुख भी शामिल हैं। रोमांच व जुनून से भरे इन पलों को अपनी आंखों में कैद करने के लिए यहां पहुंचे राष्ट्राध्यक्षों में अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश, रूसी प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन, ब्राजीलियाई राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला डा सिल्वा, जापानी प्रधानमंत्री यासुओ फुकुडा, श्रीलंकाई राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे, फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी और इजरायली राष्ट्रपति सिमोन पेरेस शामिल हैं। बुश तो अपने पूरे कुनबे के साथ यहां पहुंचे हैं।

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चीन को कटघरे में खड़ा करने वाली पश्चिमी दुनिया को फटकार

ऐसे में जब चीन सरकार और चीन की जनता ओलंपिक को सर्वाधिक यादगार खेल समारोह का रुतबा दिलाने की पुरजोर कोशिश में लगी है, कई अखबारों ने नैतिकता के मसले पर चीन को कटघरे में खड़ा करने वाली पश्चिमी दुनिया को फटकार लगाई है। अखबारों में छपी टिप्पणियों में कहा जा रहा है कि पश्चिमी दुनिया चीन के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रस्त है। वह बिना वजह चीन को दागी करार देने में लगी है।

कई अखबारों ने चीन के बारे में महीनों से छप रही नकारात्मक खबरों पर आपत्ति जताई है। एक टिप्पणीकार लिजिया झांग लिखती हैं, "चीन के बारे में कई ऐसी नकारात्मक खबरें छपीं, जो सही नहीं थीं। तिब्बत के मसले पर कितना हंगामा हुआ। ल्हासा में दंगाइयों के खिलाफ चीन की कार्रवाई पर हंगामा मचा। क्या कोई भी सरकार यह बर्दाश्त कर सकती है?"

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प्रदूषण को नकेल

ओलंपिक के आयोजन की तैयारियों में तमाम बारीकियों का ख्याल रखा गया। बीजिंग के वातावरण को स्वच्छ बनाने के लिए लाखों पेड़ लगाए गए। गोबी मरुस्थल और बीजिंग के बीच हरियाली का साम्राज्य व्याप्त है। राजधानी और उसके इर्द-गिर्द दर्जनों प्रदूषक संयंत्रों को अस्थाई तौर पर बंद कर दिया गया, वहीं वाहनों से फैलाने वाले प्रदूषण पर काबू पाने के लिए यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारू बनाया गया। प्रदूशक पेट्रोल स्टेशनों पर भी गाज गिरी।

जाहिर है जब इतनी मशक्कत की गई हो, तो वायुमंडल में प्रदूषित तत्वों की मौजूदगी घटेगी ही। बीजिंग को इसका प्रमाण पत्र भी मिल गया। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के प्रमुख ज्याक रॉग ने अपनी टिप्पणी में कहा, "बीजिंग में प्रदूषण का स्तर घट गया है। वैसे, इसमें अभी भी थोड़ी कसर रह गई है, लेकिन खिलाड़ियों के लिए यह सुरक्षित है।"

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बीजिंग में कई प्रमुख ठिकानों पर विशाल स्क्रीन

ओलंपिक उद्घाटन स्थल बर्ड्स नेस्ट ओलंपिक स्टेडियम में शुक्रवार की रात रंगारंग उद्घाटन समारोह के चश्मदीद गवाह बनने से वंचित रहने वाले लोगों की मायूसी दूर करने के लिए बीजिंग के विभिन्न महत्वपूर्ण इलाकों में विशाल टीवी स्क्रीन लगाई गई हैं। इन स्थलों को ओलंपिक लाइव साइट्स का नाम दिया गया है। शहर के लोग 210 मिनट तक चलने वाले इस ऐतिहासिक समारोह की दिलकश छवियां आंखोंे में कैद कर सकेंगे।

इससे पहले ऐसी व्यवस्था वर्ष 2000 में सिडनी ओलंपिक, 2006 में जर्मनी में आयोजित फुटबाल विश्व कप और इस साल आस्ट्रिया/स्विट्जरलैंड में आयोजित यूरो कप के दौरान की गई थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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