• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

जम्मू: कर्फ़्यू के बावजूद प्रदर्शन, सेना का फ़्लैग मार्च

By बीनू जोशी
|

अमरनाथ मंदिर बोर्ड से ज़मीन वापस लेने के विरोध में जम्मू में जुलाई से ही प्रदर्शन हो रहे हैं
भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में जम्मू में कर्फ़्यू के बावजूद प्रदर्शन हुए हैं. पुलिस ने लाठियाँ बरसाई है और आँसू गैस छोड़ी है. शहर में सेना तैनात की गई है.

इस प्रदर्शनों और पुलिस की कार्रवाई में अनेक लोग घायल हो गए हैं और स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए जम्मू और साँबा ज़िलों में सेना बुला ली गई है. सेना के जवानों ने दोनों जगहों पर फ़्लैग मार्च किया है.

ग़ोरतलब है कि अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन दिए जाने के फ़ैसले को रद्द् करने और अमरनाथ यात्रा की ज़िम्मेदारी बोर्ड की जगह राज्य सरकार के हाथ में आने के बाद जम्मू में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं.

तीस राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने मिलकर अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति बनाई थी जो इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही है. इनकी माँग है कि अमरनाथ बोर्ड को विवादित ज़मीन वापस दी जाए और अमरनाथ यात्रा का प्रबंधन फिर अमरनाथ बोर्ड ही संभाले.

राजमार्ग को जाम किया

प्रदर्शनकारियों ने राजमार्ग पर लखनपुर से लेकर रामबन तक कई जगह जाम लगा दिया था. वे कुछ देर के लिए राजमार्ग पर धरने पर भी बैठे थे लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें वहाँ से हटा दिया.

प्रदर्शनकारियों ने उन कश्मीरी ट्रांसपोर्टरों के ट्रकों को भी नुक़सान पहुँचाया जो आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई में लगे हुए थे. पुलिस ने इसकी पुष्टी की है. राजमार्ग पर स्थित कठुआ और उधमपुर कस्बे में भी तनाव बना हुआ है.

इस बीच मीडियाकर्मियों ने भी शहर में काम करने से रोके जाने और पत्रकारों की कथित पिटाई होने के विरोध में एक रैली निकाली है.

अमरनाथ मंदिर बोर्ड को दी गई ज़मीन वापस लेने के विरोध में चल रहा आंदोलन शुक्रवार को हिंसक हो गया था, जिसमें दो लोग मारे गए थे.

भारतीय जनशक्ति पार्टी (भाजश) की राष्ट्रीय अध्यक्ष उमा भारती को पुलिस ने शनिवार सुबह गिरफ़्तार कर लिया. वह जम्मू में एक प्रेस काँफ़्रेंस को संबोधित करने वाली थीं. उन्हें एक अज्ञात जगह पर रखा गया है.

हम स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अपने केंद्रीय नेत़त्व से तुरंत हस्तक्षेप करने की माँग करते हैं

प्रशासन ने एक अन्य नेता को रैली का नेतृत्व करने के लिए शहर में घुसने की अनुमति नहीं दी.

जम्मू की स्थिति पर पहली बार कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है. कांग्रेस के पूर्व विधायक रामन बहाल ने राज्यपाल एनएन बोहरा को स्थिति पर नियंत्रण पाने में नाकाम बताया. उन्होंने बोहरा के स्थान पर किसी ऐसा व्यक्ति को भेजने की माँग की, जिसे राज्य के राजनीतिक हालात की जानकारी हो.

उन्होंने कहा, "हम स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अपने केंद्रीय नेत़त्व से तुरंत हस्तक्षेप करने की माँग करते हैं."

शुक्रवार को नेशनल कॉंफ़्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रैटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ़्ती के जम्मू पहुँचने की ख़बर फैलते ही जम्मू में लोग सड़कों पर निकल आए थे.

सैंकड़ों प्रदर्शनकारी हवाई अड्डे तक पहुँच गए थे. अधिकारियों ने प्रदर्शन तेज़ होता देख दोनों नेताओं को हेलीकॉप्टर से राजभवन पहुँचाया, जहाँ उन्होंने राज्यपाल एनएन वोहरा के साथ स्थिति पर चर्चा की.

आंदोलन की पृष्ठभूमि

जम्मू-कश्मीर सरकार ने अमरनाथ मंदिर बोर्ड को चालीस हेक्टेयर ज़मीन देने की घोषणा की थी जिस पर अमरनाथ यात्रियों के लिए अस्थायी सुविधाओं का निर्माण किया जाना था लेकिन बाद में जम्मू-कश्मीर की सरकार ने यह फ़ैसला वापस ले लिया.

अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन देने के मामले पर कश्मीर घाटी के कई संगठनों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किए थे जिसके बाद सरकार ने फ़ैसला वापस ले लिया था.

इस विवाद के कारण ही कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार से पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने अपना समर्थन वापस ले लिया था.

जुलाई महीने के शुरू से ही जम्मू में सरकार के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ ज़ोरदार प्रदर्शन जारी हैं.

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more