अहमदाबाद धमाकों में मृतकों की संख्या 45 पहुंची, सोमवार को पहुंचेंगे पीएम (राउंडअप)
अहमदाबाद, 27 जुलाई (आईएएनएस)। अहमदाबाद में शनिवार शाम हुए 20 सिलसिलेवार बम धमाकों से दहले गुजरात में परिस्थितियां रविवार को नियंत्रित दिखीं हालांकि अभी भी यहां तनाव व्याप्त है। इस बीच मरने वालों की संख्या बढ़कर 45 हो गई है जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने रविवार को तीन और बम बरामद किए हैं, इसके साथ ही देशभर में हाई अलर्ट लागू कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृहमंत्री शिवराज पाटिल सोमवार को अहमदाबाद की यात्रा पर आएंगे और हालात का जायजा लेंगे।
पुलिस जहां इन संगठित बम धमाकों को अंजाम देने के इंडियन मुजाहिदीन के दावे की जांच कर रही है वहीं शहर के पुराने इलाकों के नागरिकों में सुरक्षा की भावना उत्पन्न करने और शनिवार को हुए विस्फोटों के खिलाफ किसी प्रकार की प्रतिक्रिया को रोकने के लिए सेना ने फ्लैग मार्च किया।
पुलिस ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र मणिनगर के हतकेश्वर में रविवार सुबह एक बम को निष्क्रिय कर दिया। नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र में ही सबसे अधिक छह धमाके हुए थे।
शनिवार रात को भी सांरगनगर रोड इलाके में एक बम को निष्क्रिय किया गया था। अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाने के लिए इन दोनों बमों को सब्जी की दुकानों के पास रखा गया था।
रविवार को ही सूरत में नूपुर अस्पताल के पास खड़ी एक लावारिस कार में भी एक शक्तिशाली बम बरामद किया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अभी यह पता नहीं चला है कि यह बम सूरत में विस्फोट करने के लिए था अथवा कहीं और।
पुलिस ने बताया कि मणिनगर में जिस साइकिल पर बम रखा गया था उसके हैंडिल पर राजू रामप्रकाश गुप्ता बिस्कुटवाला खुदा हुआ है।
अहमदाबाद में हुए धमाके एक दिन पहले बंगलौर में हुए धमाकों की तुलना में कहीं ज्यादा घातक थे। शनिवार को केवल 36 मिनट के भीतर हुए लगभग 20 विस्फोटों में 45 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है और बच्चों तथा महिलाओं सहित 100 लोग घायल हुए हैं। अधिकांश घायलों को शहर के वाडीलाल साराभाई और सिटी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। यहां भी दोहरा बम धमाका हुआ था।
इस बीच गुजरात सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। केंद्र सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को एक लाख रुपये और घायलों के परिजनों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है। उधर, केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने कहा कि इन विस्फोटों का उपयोग करके आतंक पैदा करने और लोगों की समस्याओं को और बढ़ाने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
पुलिस ने कहा कि अहमदाबाद में 30 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है। क्राइम ब्रांच के उपायुक्त अभय चाद्समा ने कहा कि बम विस्फोट की जांच के लिए कई टीमों का गठन किया गया है।
शनिवार के विस्फोटों के बाद गुजरात में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। सुरक्षा बलों ने अहमदाबाद, वडोदरा और राजकोट में गश्त लगानी शुरू कर दी है। अहमदाबाद के रेलवे स्टेशन को सील कर दिया गया है और रेल सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं।
राज्य के जूनागढ़ स्थित सोमनाथ मंदिर सहित अहमदाबाद के प्रमुख मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री जयनारायण व्यास ने संवाददाताओं से कहा कि क्रिकेट मैच में रनों की तरह मृतकों की संख्या गिनने से अधिक जरूरी घायलों की बेहतर चिकित्सा के बारे में ध्यान देना है।
व्यास ने कहा, "मैं आपको याद दिला दूं कि यह कोई अकेली घटना नहीं है बल्कि एक राष्ट्रविरोधी षडयंत्र का हिस्सा है और दुर्भाग्य से इस बार गुजरात इसका शिकार हो गया।"
उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्रीय एजेंसियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। इसके लिए एक विशेष समन्वय दल की स्थापना कर दी गई है।
इस बीच सभी राज्यों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और उत्तरप्रदेश में पुलिस के सभी जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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