पाटिल कर सकते हैं संघीय एजेंसी की वकालत (लीड-1)
नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल मुख्यमंत्रियों के आगामी सम्मेलन में राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा साबित होने वाले अपराधों के लिए एक स्वतंत्र नियामक संस्था के निर्माण के लिए आवाज उठा सकते हैं।
उच्चपदस्थ सूत्रों ने रविवार को इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि देश में लगातार बढ़ते आतंकवादी हमलों को देखते हुए ऐसी संस्था की सख्त आवश्यकता है।
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "मुख्यमंत्रियों की बैठक के दौरान पाटिल यह बात उठा सकते हैं। आतंकवाद के नित बदलते स्वरूप का मुकाबला करने में सुरक्षा और खुफिया विभागों के समक्ष बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए ऐसी संस्था की स्थापना आवश्यक है।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी पिछले दो सालों से देश में हो रहे संगठित आतंकवादी हमलों को देखते हुए इससे मिलता जुलता विचार व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों सोमवार को सिलसिलेवार बम धमाकों की त्रासदी झेल रहे अहमदाबाद जाने वाले हैं। वहां वे धमाकों में घायल हुए लोगों से मुलाकात भी करेंगे।
इससे पहले गुजरात सरकार की तारीफ करते हुए पाटिल ने कहा कि राज्य सरकार ने अहमदाबाद में हुए बम धमाकों के बाद स्थितियों को बखूबी काबू किया। शनिवार की शाम हुए इन सिलसिलेवार धमाकों में 45 लोग मारे गए हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात करने के बाद पाटिल ने कहा कि कल जो कुछ हुआ उससे केंद्र सरकार बहुत दुखी है और हमारी पूरी संवेदना पीड़ितों के परिजनों के साथ है।
पाटिल ने कहा, "हमारे मन में कोई संदेह नहीं है कि राज्य सरकार उनकी मदद करेगी। केंद्र सरकार भी उनकी पूरी सहायता करेगी। हम उनके दुखों और कठिनाइयों को कम करने का प्रयास करेंगे।"
उन्होंने कहा कि हमारी सबसे पहली प्राथमिकता यह है कि गुजरात में अमन-चैन कायम रहे, बल्कि देश के किसी भी हिस्से में इनका कायम रहना बहुत जरूरी है।
पाटिल ने कहा कि पूर्व में जब भी ऐसी घटनाएं हुई हैं, लोगों ने समझदारी का परिचय दिया है और मुझे यकीन है कि इस बार भी ऐसा ही होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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