असम में बाढ़ से दो लाख लोग विस्थापित
गुवाहाटी, 27 जुलाई (आईएएनएस)। असम में जारी भारी मानसूनी बारिश से आई बाढ़ के कारण 225,000 से अधिक लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को विवश होना पड़ा है। भारी वर्षा के कारण बड़ी संख्या में मिट्टी के घर ढह गए हैं।
असम के पूर्वी लक्ष्मणपुर और जोरहाट जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार राज्य में तीसरी बार आई बाढ़ से करीब 200 गांव प्रभावित हुए हैं।
लक्ष्मणपुर के पुलिस अधीक्षक एस.ए.करीम ने आईएएनएस को बताया कि ब्रह्मपुत्र नदी द्वारा कई स्थानों पर पर भारी कटाव के कारण स्थिति और खराब हो गई है।
सरकारी बयान में कहा गया है कि लक्ष्मणपुर में 175,000 लोगों को विस्थापित होना पड़ा है।
केंद्रीय जल आयोग के बुलेटिन में कहा गया है कि ब्रह्मपुत्र और इसकी सहायक नदियां करीब छह स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। एशिया के सबसे बड़े नदी द्वीप माजुली सहित कई स्थानों पर ब्रह्मपुत्र के पानी के तटबंधों के ऊपर से बहने के कारण हजारों लोगों को अपना निवास स्थान छोड़ना पड़ा है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारी ने बताया कि जोरहाट जिले में स्थित 421 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले द्वीप का एक चौथाई हिस्सा कटाव के कारण ब्रह्मपुत्र में विलीन हो चुका है।
माजुली के 100 गांवों में बाढ़ का पानी घुसने के कारण करीब 50,000 लोगों को ऊंचाई वाले स्थानों पर शरण लेने के लिए बाध्य होना पड़ा है।
बाढ़ राहत शिविरों में शरण लिए लोगों को प्रशासन द्वारा भोजन और आवश्यकता की अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
असम में मई और जून में आई पहली दो बाढ़ों में म़ुख्य रूप से लक्ष्मणपुर जिले में 30 लोगों की मौत हुई थी और छह लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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