उपराष्ट्रपति का भाई साईकिल का दुकानदार

नेपाल के नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति परमानंद झा ने जब अपने पद की शपथ ली तभी मिथिलांचल के इस सपूत ने देश और दुनिया के मानचित्र पर बिहार के दरभंगा जिले को अपनी एक नयी पहचान दिलाई।
झा के नेपाल का उपराष्ट्रपति बनने से पहले दरभंगा जिले के कुशेश्वर स्थान प्रखंड स्थित गरौल गांव की अपनी कोई पहचान नहीं थी लेकिन उनके इस पद के संभालने के साथ हीं इस गांव में रह रहे उनके छोटे भाई धनानंद झा समेत अन्य ग्रामीणो के बीच जश्न और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
उपराष्ट्रपति के छोटे भाई धनानंद झा बताते हैं कि वे चार भाई हैं और उनमें सबसे बड़े परमानंद झा है। इस मध्यम वर्गीय परिवार का जिले के हसनचक में साईकिल की एक दुकान है जिसे धनानंद झा चलाते हैं।
हांलाकि साईकिल की दुकान से होने वाली आय से इस मध्यम वर्गीय परिवार का मुश्किल से हीं गुजारा चल पाता है लेकिन वह इतने से हीं संतुष्ट है।


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