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देह व्यापार के 'इंतज़ाम' पर विवाद

By Staff
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डरबन में वेश्यावृति कोई दबी-छिपी बात नहीं है
डरबन का स्थानीय प्रशासन टूर्नामेंट के दौरान 'मेहमानों के मनोरंजन के लिए अस्थायी अनुमति' देने की तैयारी कर रहा है.

कई धार्मिक और विपक्षी पार्टियाँ इस योजना का विरोध कर रही हैं, उनका कहना है कि यह 'अनैतिकता' को बढ़ावा देने वाला क़दम है.

विरोध करने वालों को आशंका है कि एक बार इसे मान्यता मिल गई तो वह अस्थायी होने के बदले हमेशा के लिए मिसाल बन जाएगा.

दक्षिण अफ्रीका में वेश्यावृत्ति ग़ैर-क़ानूनी है लेकिन हम इस तथ्य से आँख नहीं मूँद सकते कि वेश्यावृत्ति का धंधा उस समय तेज़ हो जाएगा

डरबन म्युनिसिपल कार्पोरेशन का कहना है कि पिछले वर्ल्ड कप के दौरान जर्मनी में भी वेश्यावृत्ति के अड्डों पर ख़ासी भीड़ जुट रही थी.

अधिकारियों का कहना है कि ऐसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के समय 'सेक्स इंडस्ट्री'का कारोबार कई गुना बढ़ जाता है, "दक्षिण अफ्रीका में वेश्यावृत्ति ग़ैर-क़ानूनी है लेकिन हम इस तथ्य से आँख नहीं मूँद सकते कि वेश्यावृत्ति का धंधा उस समय तेज़ हो जाएगा."

डरबन कार्पोरेशन का कहना है कि अभी कोई पक्का फ़ैसला नहीं किया गया है और इस मामले में केंद्र सरकार से परामर्श करके कोई फ़ैसला किया जाएगा.

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि डरबन की सड़कों पर बड़ी संख्या में लड़कियाँ वेश्यावृत्ति में लिप्त हैं और उन्हें सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए क़ानूनी मान्यता ज़रूरी है.

इससे पहले सांसद जॉर्ज एगोतो ने माँग की थी कि फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान वेश्यावृत्ति को क़ानूनी मान्यता देनी चाहिए जिससे "टूर्नामेंट को सफल बनाने में मदद मिलेगी और बलात्कार की घटनाओं में कमी आएगी".

यौनकर्मियों के संगठन ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है उनका कहना है कि यह फ़ैसला सबके लिए अच्छा है.

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