• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

भारत ने आईएईए को मसौदा सौंपा

By Staff
|

आईएईए को भारत ने मसौदा सौंप दिया है
आईएईए ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है, "भारत सरकार के अनुरोध पर आईएईए सचिवालय ने बुधवार को आईएईए बोर्ड ऑफ़ गवर्नर के सदस्यों को मसौदा दे दिया है."

भारत और अमरीका ने 2006 में परमाणु समझौता हुआ था.

अब बोर्ड के अध्यक्ष सदस्यों के साथ मिलकर तय करेंगे कि इस पर कब विचार किया जाए.

वामदलों द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के बाद भारत सरकार ने ये मसौदा आईएईए को सौंपने में ज़रा भी देर नहीं की.

अचड़न

अमरीका से परमाणु करार के मसले पर ही वामदलों ने कांग्रेस के नेतृ्त्व वाली यूपीए सरकार से समर्थन वापस ले लिया है. बुधवार को इन दलों ने समर्थन वापसी का पत्र राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को सौंपा.

ये पूरा घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब मनमोहन सिंह जापान में जी-8 सम्मेलन में हिस्सा ले रहे थे.

उन्होंने वहाँ से बयान दिया था कि केंद्र सरकार जल्द ही परमाणु क़रार के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए के पास जाएगी. इसी बयान के बाद वामदलों ने समर्थन वापस ले लिया.

जुलाई-2005 में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमरीकी राष्ट्रपित जार्ज डब्ल्यू बुश परमाणु करार पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए थे यह समझौता पिछले तीस सालों से भारत के साथ परमाणु समझैता न करने की नीति को उलटने वाला था.

फिर मार्च-2006 में अमरीकी राष्ट्रपति जार्ज बुश ने भारत की तीन दिनों की यात्रा की. इस दौरान भारत के रक्षा और नागरिक उपयोग के परमाणु रियेक्टरों को अलग- अलग करने की योजना पर दोनों देशों में सहमति बनी.

लेकिन वामदलों का कहना था कि भारत सरकार आईएईए से बात न करे. लेकिन भारत को अंतिम रूप से परमाणु हस्तांतरण के लिए 45 सदस्यों वाले परमाणु सप्लाई ग्रुप और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की मज़ूरी ज़रूरी है.

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more