भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
  • search

कश्मीर हिंसा में 2 मरे, 55 घायल (लीड-2)

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    श्रीनगर, 25 जून (आईएएनएस)। अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) को विवादित वन भूमि के आवंटन को लेकर कश्मीर में जारी हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई और 55 घायल हो गए।

    मझमा गांव हिंसा को काबू करने के लिए पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में 12वीं कक्षा के छात्र फारुक की मौत हो गई। इसी तरह फतह कदाल इलाके में पुलिस फायरिंग में समीर अहमद की मौत हो गई।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दिनभर चली हिंसा चार पुलिसकर्मियों, दो सीआरपीएफ जवानों सहित 55 लोग घायल हो गए।

    श्रीनगर में प्रदर्शनकारियों ने अर्धसैनिक बलों पर पथराव किया। यहां पिछले दो दिनों से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उत्तरी कश्मीर के गांदेरबल जिले में प्रदर्शनकारियों ने श्रीनगर-बालटाल मार्ग बंद कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों और अमरनाथ यात्रियों को ले जा रही बसों पर पथराव किया ।

    विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर बदगाम, पुलवामा, अनंतनाग, बारामूला और बांदीपोरा जिलों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस के अनुसार बुधवार को विभिन्न इलाकों में झड़पों में पांच पुलिसकर्मियों समेत 20 लोग घायल हुए। घाटी में अचानक हड़ताल की घोषणा से जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।

    हिंसा व प्रदर्शनों का सिलसिला कश्मीर घाटी के अन्य हिस्सों में भी शुरू हो जाने के मद्देनजर बुधवार को अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई है।

    घाटी का मुस्लिम समुदाय अमरनाथ बोर्ड को वन क्षेत्र की भूमि आवंटित किए जाने का विरोध कर रहा है। मुस्लिमों का आरोप है कि बोर्ड इस भूमि का प्रयोग यहां 'बाहरी लोगों' को बसाने में करेगा।

    इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने सर्वदलीय बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। जबकि सत्ताधारी गठबंधन के घटक दल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता मुफ्ती मोहम्मद सईद ने पहले आवंटन रद्द किए जाने की मांग की है।

    आजाद ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, "कुछ लोग धार्मिक आधार पर जनता को बांटने वाली नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं। मेरी सरकार इसे स्वीकार नहीं करेगी।"

    उन्होंने कहा, "एसएएसबी को आवंटित भूमि पर किसी प्रकार के निर्माण कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी।"

    उन्होंने एसएएसबी को आवंटित की गई जमीन की पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारियां पत्रकारों को उपलब्ध कराई और कहा कि एसएएसबी को जमीन आवंटित नहीं किया गया है। अस्थायी तौर पर वनभूमि की जमीन बोर्ड को दी गई है ताकि अमरनाथ यात्रियों को परेशानी न हो।

    राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सईद ने कहा है कि सर्वदलीय बैठक बुलाने का कोई मतलब नहीं होता जब तक कि एसएएसबी को आवंटित जमीन रद्द नहीं की जाती।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

    *

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more