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प्रधानमंत्री की जापान यात्रा को लेकर अनिश्चतता

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    नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। वामदलों द्वारा सरकार को अमेरिका के साथ परमाणु समझौते के लिए अनुमति नहीं देने के कारण प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगले महीने जी-8 के सम्मेलन में भाग लेने के लिए होने वाली जापान यात्रा पर संदेह के बादल मंडराने लगे हैं।

    विश्वस्त सूत्रों ने संकेत किया है कि प्रधानमंत्री अपनी जापान यात्रा पर फिर से विचार कर सकते हैं,जहां उनको परमाणु आपूर्ति समूह (एनएसजी) के महत्वपूर्ण सदस्य देशों के नेताओं और अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश से मुलाकात करनी होगी।

    एनएसजी के प्रभावशाली सदस्य रूस, फ्रांस और ब्रिटेन वहां उपस्थित रहेंगे। यदि मनमोहन सिंह जापान जाते हैं तो वह इन देशों के नेताओं से भेंट करेंगे।

    अगर सरकार ने जुलाई के प्रारंभ तक परमाणु करार पर कदम आगे बढ़ाने का निर्णय नहीं लिया, जिसका अर्थ होगा अपने सहयोगी वामदलों से अलगाव, तो सूत्रों के अनुसार मनमोहन सिंह जी-8 सम्मेलन में भाग लेने नहीं जाएंगे।

    एक पूर्व कूटनीतिज्ञ ने अपना नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर आईएएनएस को बताया कि "इससे प्रधानमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचेगा और भारत की अंतर्राष्ट्रीय साख को धक्का लगेगा। परमाणु करार को आगे बढ़ाने का वादा कर चुके मनमोहन सिंह जार्ज बुश से क्या कहेंगे।"

    प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार संजय बारू से इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंेने कहा, " यह सब अटकलं हैं और मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।"

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने भी इस पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इंकार कर दिया।

    जी-8 ने भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मैक्सिको और ब्रजील को सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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