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जहाज़ के 28 यात्री जीवित मिले

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'प्रिंसेज़ ऑफ़ द स्टार्स' नाम की इस नौका में अनेक लोग सवार थे
इससे पहले चार अन्य लोग जीवित मिले थे लेकिन सैकड़ों लोग अब भी लापता है. डूब चुके जहाज़ पर पहुँचे बचाव दल को वहाँ जीवन के कोई संकेत नहीं मिले.

बताया जाता है कि मिले 28 लोग जहाज़ के डूब जाने के बाद 24 घंटों तक एक जीवन रक्षक नौका में बहते रहे.

रेड क्रास का अनुमान है कि देश भर में इस तूफ़ान से 155 लोग मारे गए हैं.

फ़ेंगशेन नाम के इस भीषण तूफ़ान के कारण फ़िलीपींस में कई अन्य जगहों पर बाढ़ और भूस्खलन भी हुआ.

प्रिंसेज़ ऑफ़ स्टार्स नाम के इस जहाज़ में 626 यात्री सवार थे और 121 लोग इसके चालक दल में शामिल थे. यह जहाज़ शनिवार को मनीला से केबू के रास्ते पर था.

एक स्थानीय रेडियो के अनुसार जीवित बचे 28 लोग जिनमें ज़्यादातर पुरुष थे, सोमवार को क्वीज़ोन प्रांत के एक तटीय गाँव में मिले.

अनुभव

रेडियो ने जीवित बचे लोगों के हवाले से बताया कि एक जीवन रक्षक नौका में 30 लोग सवार हुए थे लेकिन इनमें से दो लोग समुद्र में डूब गए.

हममें से बहुत से लोग तख्ते पर कूदे लेकिन पानी के तेज़ बहाव में हम अलग-अलग हो गए. बहुत से लोग जीवन रक्षक नौकाओं में चढ़ गए लेकिन वह भी काम नहीं आया क्योंकि तेज़ हवाओं ने उन्हें भी पलट दिया
रविवार को जीवित मिले चार लोगों जेसस गिका, ओलिवर एमोरिन, जेसी बोट और रेनेटो लेनोरिआ ने स्थानीय मीडिया को अपने अनुभव के बारे में बताया.

लेनोरिआ ने कहा कि जब चालक दल ने शनिवार को उनसे जीवन रक्षक जैकेट पहनने को कहा तब वे जहाज़ के ऊपरी डैक पर थे.

उन्होंने कहा कि क़रीब 30 मिनट के बाद जहाज़ डूबने लगा और बुज़ुर्ग और बच्चे जहाज के उस हिस्से में गिर गए जहाँ पानी भरा हुआ था.

जेसस गिका ने कहा कि उन्हें चिंता थी कि बहुत से लोग डेक के नीचे पानी में फंसे हुए होंगे.

उन्होंने कहा, "हममें से बहुत से लोग तख्ते पर कूदे लेकिन पानी के तेज़ बहाव में हम अलग-अलग हो गए. बहुत से लोग जीवन रक्षक नौकाओं में चढ़ गए लेकिन वह भी काम नही आया क्योंकि तेज़ हवाओं ने उन्हें भी पलट दिया."

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि चार लोग तैर कर किनारे पहुँचने में कामयाब रहे जहाँ गाँव वालों ने उन्हें बचा लिया.

सफ़ाई माँगी

फिलीपींस की राष्ट्रपति ग्लोरिया अरोयो ने तटरक्षक अधिकारियों से सफ़ाई माँगी है कि क्यों तूफ़ान की चेतावनी के बावजूद इस जहाज़ को बंदरगाह से जाने की अनुमति दी गई.

तूफ़ान ने फ़िलीपींस के दक्षिणी और मध्य इलाकों में भयंकर तबाही मचाई

मारी गई एक महिला की बहन लीना सलीनाज़ ने एएफ़पी समाचार एजेंसी से कहा, "हम तूफ़ान की पहली चेतावनी के बारे में जानते थे लेकिन फिर भी हम कतई चिंतित नहीं थे क्योंकि यहाँ बिलकुल बारिश नहीं हो रही थी."

उन्होंने कहा, "फिर भी जहाज़ को जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी."

लगभग 170 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलने वाले इस तूफ़ान ने फ़िलीपींस के दक्षिणी और मध्य इलाकों में भयंकर तबाही मचाई.

तूफ़ानग्रस्त क्षेत्र की सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और ज्यादातर स्थानों पर बिजली की आपूर्ति बाधित है.

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