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    विश्व विजेता टीम के सदस्यों ने 1983 की यादें ताजा की

    By Staff
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    नई दिल्ली, 22 जून (आईएएनएस)। वर्ष 1983 की विश्व कप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य विश्व कप में मिली जीत के 25 वर्ष पूरा होने के अवसर पर ग्रेटर नोएडा स्थित गोल्फ कोर्स में रविवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान एकजुट हुए और पुरानी यादों को जीवंत किया।

    नई दिल्ली, 22 जून (आईएएनएस)। वर्ष 1983 की विश्व कप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य विश्व कप में मिली जीत के 25 वर्ष पूरा होने के अवसर पर ग्रेटर नोएडा स्थित गोल्फ कोर्स में रविवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान एकजुट हुए और पुरानी यादों को जीवंत किया।

    ग्रेटर नोएडा स्थित जेपी ग्रींस गोल्फ कोर्स पर प्रूडेंशियल कप विजेता टीम के सदस्यों ने 25 वर्ष पहले लार्ड्स में मिली ऐतिहासिक जीत के अविस्मरणीय क्षणों को याद करते हुए उपस्थित लोगों के बीच अपने संस्मरण सुनाए।

    यह सुखद अवसर ही था कि भारतीय क्रिकेट के ऐतिहासिक पल के साक्षी रहे धुरंधर आज गोल्फ कोर्स पर एक बार फिर एक साथ नजर आए। ये खिलाड़ी गोल्फ कोर्स पर गोल्फ के बदले बल्ले को लेकर कुछ ऐसे कौतुक करते दिखे मानो प्रतिद्वंद्वियों के छक्के छुड़ा रहे हों।

    इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान विजेता भारतीय टीम के मैनेजर मान सिंह और बारह खिलाड़ियों ने हीरे जड़ित बल्ले पर अपने अपने हस्ताक्षर किए। विश्व कप में मिली जीत के उपलक्ष्य में लंदन में बुधवार को आयोजित रजत समारोह ( सिल्वर जुबली) में इस बल्ले की नीलामी की जाएगी। साथ ही टीम के सभी सदस्यों को सम्मान पत्र और सम्मान राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।

    ग्रेटर नोएडा में आयोजित समारोह में खिलाड़ियों ने आज उन खट्टे मीठे अनुभवों को भी सार्वजनिक किया जिससे आज तक लोग अनभिज्ञ थे। हालांकि विजेता टीम के कप्तान कपिल देव इस बात की कोशिश करते दिखे की ड्रेसिंग रूम की बातें सामने न आने पाए।

    समारोह में उपस्थित लोग उस समय खिलखिलाकर हंस पड़े जब इस बात की चर्चा की गई कि यशपाल शर्मा कृष्णामाचारी श्रीकांत को हिंदी सीखने के लिए बालीवुड की हिट फिल्म क्रांति देखने की सलाह दिया करते थे।

    विजेता टीम के सदस्य व मध्यम क्रम के शानदार बल्लेबाज संदीप पाटिल ने बताया कि विश्व कप की औपचारिक शुरूआत से पूर्व खेले गए अपने दोनों अभ्यास मैच हारने से उनकी टीम को बहुत निराशा हुई लेकिन अपने शुरुआती लीग मैच में वेस्टइंडीज के विरूद्ध मिली जीत से टीम के हौसले में फिर से इजाफा हुआ।

    इस अवसर पर पाटिल ने एक और रोचक संस्मरण का जिक्र करते हुए कहा कि टीम की बैठक में कप्तान कपिल देव अंग्रेजी में बोला करते थे जिसे नहीं समझ पाने की वजह से वे और सुनील गावस्कर इस संबंध में आपस में चर्चा करते थे कि आखिर कपिल ने क्या कहा? पाटिल के मुताबिक फाइनल में भारतीय पारी की समाप्ति के बाद उन्होंने मुझसे पहली बार हिंदी में कहा कि 'चलो जवान लड़ो।'

    रोजर बिन्नी ने इस अवसर पर विश्व कप में मिली जीत को अपने कैरियर की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। बिन्नी को इस विश्व कप में सर्वाधिक 18 विकेट मिले थे।

    समारोह में टीम के अन्य सदस्य सुनील गावस्कर, यशपाल शर्मा, कीर्ति आजाद, मोहिंदर अमरनाथ, सैयद किरमानी, बलविंदर सिंह संधू, रोजर बिन्नी, संदीप पाटिल और सुनील वाल्सन भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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