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क़दीर ख़ान से पूछताछ की जाए: ऑलब्राइट

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    क़दीर ख़ान ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है
    अमरीकी संस्थान 'इंस्टीट्यूट फ़ॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सेक्युरिटी' के अध्यक्ष ऑलब्राइट ने अपनी एक रिपोर्ट में अंदेशा जताया है कि पाकिस्तानी परमाणु कार्यक्रम के जनक कहे जाने वाले अब्दुल क़दीर ख़ान ने उन्नत परमाणु हथियारों की रूपरेख बेच दी है.

    अब उन्होंने ये माँग की है कि अमरीका और संयुक्त राष्ट्र को पाकिस्तानी वैज्ञानिक से पूछताछ करने की अनुमति दी जाए ताकि ये पता लगाया जा सके कि उन्होंने परमाणु हथियारों की रूपरेखा ईरान या उत्तर कोरिया को दी है या नहीं.

    अमरीका अख़बार 'वाशिंगटन पोस्ट' में इस रिपोर्ट के मुख्य अंश प्रमुखता से प्रकाशित किए गए हैं.

    जब भी अमरीकी सरकार को शरारत करनी होती है तो वे कुछ पत्राकरों को बुला कर उन अख़बारों में बड़ी ख़बरें प्रकाशित कर देते है जो उनके ‘माउथपीस की तरह काम करते हैं
    दूसरी ओर अब्दुल क़दीर ख़ान ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है.

    उन्होंने बीबीसी से कहा, "जब भी अमरीकी सरकार को शरारत करनी होती है तो वे कुछ पत्राकरों को बुला कर उन अख़बारों में बड़ी ख़बरें प्रकाशित कर देते है जो उनके ‘माउथपीस की तरह काम करते हैं."

    डेविड ऑलब्राइट ने अमरीकी समाचार चैनल सीएनएन से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का डर है कि विस्तृत जानकारी जुटाए बिना अब्दुल क़दीर ख़ान को पाकिस्तानी सरकार रिहा कर सकती है.

    आशंका

    उन्होंने कहा कि अब्दुल क़दीर ख़ान के कंप्यूटर से मिले ब्लूप्रिंट में बताया गया है कि बैलिस्टिक मिसाइलों में फिट बैठने वाले परमाणु बम कैसे तैयार किए जाएँ.

    ऑलब्राइट का कहना था, "अब्दुल ख़ान की नज़रबंदी हटाई जा सकती है और हो सकता है कि हम इस बात की तह तक कभी नहीं पहुँच पाएँ."

    अब्दुल ख़ान की नज़रबंदी हटाई जा सकती है और हो सकता है कि हम इस बात की तह तक कभी नहीं पहुँच पाएँ
    वो कहते हैं, "इसलिए मेरा मानना है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम इससे संबंधित सरकारों पर दबाव डालना शुरु करें ताकि पूरी जानकारी मिल सके."

    उन्होंने इस बात को ज़रूरी बताया कि क़दीर ख़ान के सहयोगी जाँच में सहयोग करें. ऑलब्राइट ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को क़दीर ख़ान से पूछताछ करनी चाहिए.

    फरवरी,2004 में क़दीर ख़ान ने स्वीकार किया था कि उन्होंने ईरान, उत्तर कोरिया और लीबिया को परमाणु उपकरणों और परमाणु तकनीकों की जानकारी दी है.

    लेकिन ऑलब्राइट के मुताबिक जो ब्लूप्रिंट मिला है वो वर्ष 2006 का है और इसलिए ये कई सवाल खड़े करता है.

    BBC

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