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परमाणु करार पर संकट बरकरार

By श्याम सुंदर
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    प्रकाश कारत करार के विरोध पर कायम हैं
    दोनों पक्ष अपने-अपने पर तौल रहे हैं और दूसरे के रास्ते कितने बंद किए जा सकते हैं इस संभावना को टटोलने में भी लगे हैं.

    राजनीतिक विश्लेषक ये कयास लगा रहे हैं कि यूपीऐ वाम दलों को छोड़ कर समाजवादी पार्टी की मदद से करार कि दिशा में आगे बढ़ सकता है.

    दिन भर कांग्रेस और वामपंथी नेताओं ने यूपीऐ के भिन्न भिन्न घटक दलों से मुलाकात की और उन्हें अपनी तरफ़ करने का प्रयास किया.

    वाम पक्ष अड़ा

    मैने प्रणव मुखर्जी से मुलाक़ात में यही कहा है की परमाणु समझौते पर वामदलों की वही राय है जो 18 जून की वामदलों की बैࢠक मे तय हुई थी, उसमे कोई बदलाव नही आया है
    शुक्रवार को सीपीएम महासचिव ने जिन नेताओं से मुलाक़ात की उनमे प्रणब मुखर्जी और एके एंटनी के अलाव राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार और समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव शामिल थे.

    शुक्रवार को दिन भर की तमाम राजनीतिक कवायद के बावजूद करार पर बना संकट बरक़रार है.

    सीपीएम महासचिव ने शुक्रवार का दिन अलग अलग पार्टियों के नेताओं के साथ बिताया. उनका अंतिम पड़ाव था विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी का निवास जहां रक्षामंत्री एके एंटनी भी मौजूद थे.

    लगभग 45 मिनट चली बैठक के बाद प्रकाश कारत ने बाहर निकल कर कहा कि उनकी पार्टी की राय भारत अमरीका असैन्य परमाणु समझौते पर वही है जो पहले थी और वही उन्होंने सरकार को बताया है

    कारत ने कहा, "मैने प्रणव मुखर्जी से मुलाक़ात में यही कहा है की परमाणु समझौते पर वामदलों की वही राय है जो 18 जून की वामदलों की बैठक मे तय हुई थी, उसमे कोई बदलाव नही आया है". मतलब की वामदलों ने सरकार को कहा है की सरकार परमाणु समझौते पर आगे ना बढे.

    प्रकाश कारत के बाद सीपीआई के सचिव डी राजा विदेशमंत्री से मिले और उन्होंने वही बात कही जो, प्रकाश कारत कह कर गए थे. सरकार की तरफ़ से वार्ता मे शामिल दोनो ही मंत्रियों की तरफ़ से औपचारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया.

    करार बचाने की पुरजोर कोशिश

    दिन मे कांग्रेस पार्टी की तरफ़ से हुई पत्रकार वार्ता में वामदलों को और नाराज़ करने से बचा गया. पार्टी प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा कि पार्टी को अब भी उम्मीद है कि वाम दल अगली बैठक में सरकार कि बात समझेगें.

    शरद पवार प्रधानमंत्री और वाम दलों के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं

    सरकार की तरफ़ से भी यूपीऐ के घटक दलों को करार पर प्रधानमंत्री और सरकार के साथ बनाए रखने के सारे प्रयास चल रहे हैं. घटक दल भी अपनी तरफ़ से भी कोई गतिरोध ख़त्म करने के प्रयास कर रहे हैं.

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया और केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार प्रकाश कारत से मुलाक़ात के बाद प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह से मिले. इस मुलाक़ात के बाद सरकार की तरफ़ से प्रणब मुखर्जी ने प्रकाश कारत को बातचीत के लिए बुलाया.

    राजनीतिक विशलेषक सरकार और वामदलों के बीच के ताज़ा संकट को गंभीर मान रहे हैं. अब स्थिति ऐसी बताई जा रही है की सरकार और वामदलों दोनो के लिए पीछे हटना मुश्किल दिख रहा है.

    दिन भर की तमाम राजनीतिक घटनाक्रम का ब्यौरा प्रणव मुख़र्जी कांग्रेस ने अध्यक्ष सोनिया गाँधी को भी दिया.

    BBC

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