सहारा शहर के सभी निर्माण गैर कानूनी: एलडीए

एलडीए के एक प्रवक्ता ने आज कहा कि लखनऊ महायोजना (मास्टर प्लान) में निर्धारित जोनल रोड के एलाइन्मेन्ट की भूमि और हरित पट्टी पर सहारा इण्डिया समूह द्वारा कराया गया निर्माण पूरी तरह अवैध था।
उन्होंने कहा कि गत 13 जून को शाम पांच बजे लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा अतिक्रमण हटाने के सम्बन्ध में एलडीए के उपाध्यक्ष द्वारा एक बैठक बुलाई गई थी जिसमें सहारा समूह की ओर से अमिताभ राय एवं जेसीक कुकरेती ने भाग लिया था। इस बैठक में सहारा समूह के प्रतिनिधियों द्वारा यह स्वीकार किया गया कि मास्टर प्लान में प्रदर्शित 30 मीटर चौड़े मार्ग पर सहारा समूह का कब्जा अवैध है तथा इस 30 मीटर चौड़े मार्ग पर किये गये अवैध निर्माण को वह स्वयं हटाने पर सहमत हैं।
इसी क्रम में बंधे किनारे स्थित 1400 मीटर दीवार को सहारा समूह ने 17/18 जून की रात्रि में स्वयं गिरा दिया तथा पूर्वी किनारे पर स्थित 400 मीटर लम्बी दीवार को भी हटा दिया किन्तु उनके द्वारा 30 मीटर चौड़ी जोनल रोड पर स्थित अवैध निर्माण को नहीं हटाया गया जिसे हटाने की कार्रवाई एलडीए ने की है। इस प्रकार सहारा समूह का यह कहना कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के सम्बंध में उन्हें कोई नोटिस नहीं दी गयी पूर्णत: असत्य और निराधार है।
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इसके पहले भी एलडीए द्वारा सहारा समूह के प्रतिनिधियों को समय-समय पर इस अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिये जाते रहे हैं लेकिन इन्हें अनसुना कर दिया गया। इसलिए सहारा इण्डिया के कार्पोरेट कम्युनिकेशन्स के प्रमुख अभिजीत सरकार का यह कहना कि बिना पूर्व सूचना के अचानक अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई की गई है पूरी तरह निराधार है क्योंकि यह पूरा प्रकरण पहले से ही सहारा समूह के संज्ञान में था।
प्रवक्ता ने सहारा इण्डिया कारपोरेट कम्युनिकेशन्स के प्रमुख अभिजीत सरकार के इस कथन को भी पूरी तरह असत्य और बेबुनियाद बताया कि एलडीए की कार्रवाई अम्बेडकर पार्क का विस्तार करने के लिए मनमाने और गैर कानूनी ढंग से की गई है और इसके लिए 15 साल पुराने सहारा शहर के निर्माण के कुछ हिस्से को तोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण यदि अनेक वर्ष पुराना हो, तो इससे वह वैध नहीं हो जाता।
प्रवक्ता ने कहा कि सहारा शहर जिस भूमि पर स्थापित है वह भूमि भी एलडीए एवं नगर निगम द्वारा केवल लाइसेंस पर दी गयी है। लगभग 270 एकड़ भूमि सहारा समूह को नगर निगम एवं एलडीए द्वारा उपलब्ध कराई गयी थी जिसमें से 140 एकड़ भूमि ग्रीन बेल्ट के विकास हेतु आरक्षित है और मात्र 130 एकड़ भूमि का उपयोग आवासीय एवं व्यावसायिक प्रयोजन से किया जा सकता है। किन्तु सम्बंधित संस्था द्वारा समस्त विधिक प्राविधानों का उल्लंघन करते हुए मनमाने तरीके से भूमि का उपयोग कर लिया गया है अत: आज की स्थिति में सहारा शहर के समस्त निर्माण अवैध हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस


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