खाद्य संकट पर देशों ने चिंता जताई

विभिन्न देशों की सरकारों को खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए जापान के प्रधानमंत्री यासुओ फुकुदा ने विश्व आर्थिक मंच के प्रतिनिधियों को अपने वीडियो संबोधन में कहा कि सभी देशों को मिलकर यह सुनिश्वित करना चाहिए कि खाद्य व जल संकट एशियाई देशों के विकास के रास्ते में बाधा उपस्थित नहीं कर सके।
उन्होंने सभी उपस्थित देशों से आग्रह किया कि वे अपने यहां कृषि के विकास पर अधिकतम जोर दें। फुकुदा ने कहा कि 7 से 9 जुलाई के बीच जापान के हुकिदो में आयोजित जी-8 देशों के सम्मेलन में वे कृषि उत्पादन पर जोर, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था व जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।
उनके मुताबिक बिना स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था किए स्वास्थ्य से संबंधित वैश्विक लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता और ऐसी स्थिति में विकास की परिकल्पना बेकार होगी। पूर्व के वक्ताओं ने भी विभिन्न देशों की सरकारी नीतियों को खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी के लिए उत्तरदायी ठहराया। फोरम में भाग ले रहे प्रतिनिधियों ने दावा किया कि विभिन्न देशों द्वारा अपने अपने यहां कृषि उत्पादन पर दी जा रही सब्सिडी समस्या की जड़ में है।
आस्ट्रेलियाई निवेश बैंक राक्स इंटरनेशनल के अध्यक्ष माइकल राक्स के अनुसार बाजार को फिलहाल कई तरह के अवांछित परिणामों से गुजरना पड़ रहा है और हमें इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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