वाराणसी में 17 वर्षीय लड़की बनी लड़का

अपने जीवन के 17 वर्ष लड़की के रूप में जी चुकी प्रीति अब प्रीतम सिंह बन कर आज अपने जीवन को पूर्ण मान रही है। चार बहनों और एक भाई वाले परिवार में अब दो लड़के पाकर प्रीतम के मां-बाप फूले नहीं समा रहे हैं।
लगभग एक हफ्ते पहले हुए इस जटिल आपरेशन का साहस वाराणसी के ही एक निजी नर्सिंग होम ने दिखाया है। आपरेशन करने वाले डाक्टर मृगेंद्र का कहना है कि यह लड़की हारमोनल डिस्बैलेंस की शिकार थी। इस वजह से उसमें 60 फीसदी लड़के के और 30 फीसदी लड़की के गुण थे। इसलिए डाक्टरों की टीम ने जांच के बाद यह निर्णय लिया कि इसे लड़के के नजदीक लाया जा सकता है और आपरेशन के बाद ऐसा ही हुआ।
बिहार के सिवान जिले के पकड़ी गांव के रहने वाले प्रीतम सिंह के पिता संजय सिंह ने बताया कि 16 साल बीतने के बाद इसे मासिक धर्म न आने पर इसे पीजीआई लखनऊ में दिखाया गया।
संजय ने बताया कि वहां डाक्टरों ने एक तो खर्च ज्यादा बताया और दूसरे आपरेशन के बाद भी इसे लड़की या लड़का होने की गारंटी भी नहीं दी, लेकिन जब डाक्टर मृगेंद्र से बात की गई तो वे आपरेशन करने के लिए तैयार हो गए।
प्रीतम सिंह के वैवाहिक जीवन या उसके सामाजिक जीवन के बारे में डाक्टर मृगेंद्र से पूछने पर उन्होंने बताया कि फिलहाल तो यह पुरुष की जिंदगी जिएगा लेकिन सुखी वैवाहिक जीवन के बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
उन्होंने कहा कि उनकी टीम प्रीतम पर लगातार नजर रखेगी। टीम पूरी कोशिश करेगी कि इसका वैवाहिक जीवन भी सुखमय हो जाए। आपरेशन के बाद प्रीतम सिंह ने मुस्कराते हुए बताया कि उसे सबसे ज्यादा दिक्कत अपने दोस्तों के साथ होगी क्योंकि अब तक तो उसकी दोस्त लड़कियां हुआ करती थीं, लेकिन अब उसे अपना दोस्त लड़कों को बनाना पड़ेगा जो कि उसके लिए सबसे ज्यादा कठिन होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस


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