• search

परियोजनाओं में देरी से बड़ी हानि

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi
Infrastructure
नई दिल्ली, 13 जून: देश में बुनियादी सुविधाओं संबंधित लगभग 900 परियोजनाओं के समय पर पूरी न हो पाने के कारण इनकी लागत में अब तक 368 अरब रुपये से ज्यादा की वृद्धि हो चुकी है।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इन परियोजनाओं में हो रही देरी की मुख्य वजह कीमतें बढ़ने, धन की कमी, पुराने उपकरण और पर्यावरण से संबंधित स्वीकृतियां समय पर नहीं मिल पाना है।

केंद्र सरकार की विभिन्न परियोजनाओं पर आधारित यह रिपोर्ट ज्यादातर बुनियादी सुविधाओं से संबंधित परियोजनाओं से संबंधित है। इसमें कहा गया है, "ऐसा लगता है कि कई परियोजनाओं के लिए मंजूर लागत की समीक्षा करने की जरूरत है।"

गौरतलब है कि यह रिपोर्ट भी देर से जारी की गई है। इसके मुताबिक, "परियोजनाओं के अधिकारी पूरे और सही आंकड़े समय पर उपलब्ध नहीं कराते।" समय और लागत के आंकलन पर आधारित इस रिपोर्ट के आधार पर अधिकारियों का अनुमान है कि अगले पांच वर्षो के दौरान बुनियादी सुविधाओं से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं के लिए 500 अरब डालर की जरूरत होगी।

आईएएनएस को मिली इस रिपोर्ट की एक प्रति के मुताबिक लगभग 897 परियोजनाओं की लागत में 10.25 प्रतिशत यानी 368.34 अरब रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।

रिपोर्ट के अनुसार 126 परियोजनाओं में सबसे ज्यादा देरी हुई है। इनमे 33 रेल परियोजनाएं, 25 पेट्रोलियम क्षेत्र की परियोजनाएं और 23 स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की परियोजनाएं शामिल हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more