जी-8 की बैठक में होगी मनमोहन-बुश मुलाकात

साउथ ब्लॉक के सूत्रों के मुताबिक भारत में अमेरिकी राजदूत डेविड मलफोर्ड ने दिन में प्रधानमंत्री से भेंट कर प्रस्तावित बैठक के बारे में चर्चा की। वैसे तो यह बैठक 7 जुलाई से शुरू होगी लेकिन भारत, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और मेक्सिको 8 जुलाई से बैठक में हिस्सा लेंगे।
इससे पहले भारतीय विदेश सेवा के नए अभ्यर्थियों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित परमाणु करार किसी भी तरह से राष्ट्रीय हितों को प्रभावित नहीं करेगा। ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए हमारा करार के मोर्चे पर आगे बढ़ना बेहद महत्वपूर्ण है।"
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने पुस्तक विमोचन के एक कार्यक्रम में कहा कि ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए परमाणु करार बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के बयानों के बीच मनमोहन-बुश वार्ता के संदर्भ में मलफोर्ड का मनमोहन सिंह से मिलने की घटना से इस बात के संकेत मिलते हैं कि सरकार वामदलों और विपक्षी दलों के विरोध को नजरअंदाज कर परमाणु करार पर आगे बढ़ने की रणनीति पर विचार कर रही है।
इंडो एशियन न्यूज सर्विस।


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