अब हिमाचल के गुर्जर भी आए सामने

प्रदेश के चंबा जिले में गुज्जरों के प्रसिद्ध नेता लियाकत अली ने बताया कि राजस्थान सरकार और गुर्जरों की बातचीत के असफल रहने पर राज्य में आंदोलन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश के केवल चंबा जिले में ही 25 हजार से अधिक गुर्जर रहते हैं। इन्हें राज्य सरकार ने वर्ष 1988 में ही जनजाति का दर्जा दे दिया था, लेकिन इनमें से अधिकांश गरीबी रेखा से नीचे रहते हैं।
हिमाचल प्रदेश गुर्जर कल्याण बोर्ड के पूर्व सदस्य ने कहा कि जम्मू कश्मीर और हिमाचल में जब गुर्जरों को जनजाति का दर्जा मिल सकता है, तो राजस्थान में भी गुर्जरों को यह दर्जा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गुर्जरों की एक सामाजिक-आर्थिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि समान है। ऐसे में राजस्थान के गुर्जर भी अनुसूचित जनजाति का दर्जा पाने के हकदार हैं। राजस्थान में पिछले पखवाड़े से जारी गुर्जरों के आंदोलन में भड़की हिंसा में कम से कम 39 मारे गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस


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