मुझे फांसी दे दो: अफज़ल गुरु

अफजल ने क्षमा याचिका पर ऊहापोह की स्थिति पैदा करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की है वहीं भाजपा ने उसे शीघ्र फांसी पर लटकाने की मांग की है। कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है।
तिहाड़ जेल में बंद अफजल ने आईएएनएस को दिए विशेष साक्षात्कार में कहा, "मैं नहीं समझता हूं कि केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार निर्णय तक पहुंच पाएगी। कांग्रेस पार्टी दोमुहां है और वह दोहरा खेल खेल रही है।"
अफजल ने कहा, "मैं सही मायने में यह चाहता हूं कि भाजपा के लालकृष्ण आडवाणी भारत के अगले प्रधानमंत्री बनें। वही इस मामले में निर्णय ले सकेंगे और मुझे फांसी पर लटका सकेंगे। कम से कम मेरा दर्द और मेरी रोज-रोज की पीड़ा तो खत्म हो जाएगी।"
अफजल गुरु के साथ आईएएनएस की विशेष भेंटवार्ता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "अफजल क्या कह रहा है मैं इसपर प्रतिक्रिया व्यक्त करना नहीं चाहूंगा। यह मेरे लिए उचित नहीं होगा। लेकिन संसद पर हमला देशद्रोह का मामला है।"
आईएएनएस से जावड़ेकर ने कहा, "अफजल को निचली से शीर्ष अदालत तक ने दोषी करार दिया है और इसलिए उसे फांसी पर लटका देना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "अफजल एक आतंकवादी है और यह एक विशेष मामला है। यहां तक कि मुस्मिल जनता भी नहीं कहती कि अफजल को फांसी पर नहीं लटकाना चाहिए। लेकिन इस मामले में कांग्रेस राजनीति कर रही है।"
यद्यपि, इस मामले में कांग्रेस अपनी दलील पर कायम है। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "क्षमा याचिका का अफजल से कुछ लेना देना नहीं है। इस मामले में फैसला कानूनी तरीके से होना है। भाजपा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषियों के मामले में भी छह साल तक सत्ता में रहने के बावजूद निर्णय नहीं ले पाई थी।"
वर्ष 2004 में उच्चतम न्यायालय ने 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए हमले के मामले में अफजल को मौत की सजा सुनाई थी। उसने अपनी सजा को लेकर राष्ट्रपति के पास क्षमा याचिका दाखिल कर रखा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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