परमाणु हथियार नष्ट करें: भारत

मनमोहन सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय, वैश्विक और भेदभाव रहित परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए प्रतिबद्धता दोहराते हुए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आश्वासन दिया कि भारत किसी के भी साथ हथियारों की दौड़ में शामिल नहीं होगा। इसे भारत की नहीं, बल्कि अन्य सभी देशों की सुरक्षा भी मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा, "हम चाहते हैं कि परमाणु तकनीक का प्रयोग विनाशकारी उद्देश्य के लिए नहीं होना चाहिए। इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर माहौल बनाया जाना चाहिए।" प्रधानमंत्री ने आंतकवादियों द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने के 'बढ़ते खतरे' के मद्देनजर सभी देशों से वैश्विक परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए समयबद्ध ढंग से काम करने का अनुरोध किया है।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा वर्ष 1988 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश की गई शांति योजना का हवाला देते हुए मनमोहन सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बिना किसी भेदभाव के परमाणु निरस्त्रीकरण की जरूरत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा, "राजीव गांधी का विश्वास था कि सुरक्षित और हिंसा-मुक्त विश्व के लिए परमाणु निरस्त्रीकरण की आवश्यकता है। उनके द्वारा बताई गई योजना में इसके लिए तीन चरणों में वर्ष 2010 तक सभी परमाणु हथियारों को नष्ट करने की बात कही गई थी।"
इस सम्मेलन में भारत के अलावा अमेरिका, चीन, रूस, आस्ट्रेलिया और कनाडा के निरस्त्रीकरण विशेषज्ञ और पूर्व राजनयिक हिस्सा ले रहे हैं। उपराष्ट्रपति हामिद असांरी और विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी भी इस सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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