छत्तीसगढ़ टॉपर जालसाज निकली

जांच समिति की 420 पृष्ठों की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस जालसाजी में दो स्कूल प्राचार्यो और सात शिक्षकों समेत 13 लोग शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि सीजीबीएसई की 12 वीं कक्षा की परीक्षाओं के परिणाम 26 मई को घोषित किए गए थे। इसके अगले दिन ही इन परीक्षाओं में शामिल 190,567 छात्रों में अव्वल रही छात्रा पोरा बाई का नाम मेरिट लिस्ट से हटा दिया गया था। पोरा बाई पर आरोप था कि उसने योजनाबद्ध जालसाजी के माध्यम से शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
इस घटना के बाद बोर्ड ने कार्यवाहक सचिव पी. के. पांडे की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया था।
सीजीबीएसई में एक उच्च पदस्थ सूत्र ने शनिवार को आईएएनएस को बताया, "जालसाजी में शामिल रैकेट का अब खुलासा हो चुका है, इसलिए स्कूल शिक्षा विभाग अब यह मामला आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप देगा।"
जांच समिति ने शुक्रवार को बोर्ड के अध्यक्ष को जांच रिपोर्ट सौंपने से पहले पोरा बाई से मुलाकात की थी। समिति ने पाया कि पोरा बाई के अलावा जालसाजी में शामिल दो प्राचार्य, सात शिक्षक और तीन क्लर्क, सभी सरकारी स्कूलों के थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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