नागार्जुन महल में रहेंगे ज्ञानेंद्र

पूर्व राजा ने सरकार से उनको एक उपयुक्त आवास प्राप्त करने में सहायता करने का आग्रह किया था।
शांति मंत्री रामचंद्र पोडैल ने भी संकेत दिया था कि सरकार को पूर्व राजा के साथ सहानुभूति है, और यदि राजा चाहें तो नारायणहिति महल को छोड़ किसी भी एक महल में रह सकते हैं।
मंगलवार को कोइराला के साथ एक आपात बैठक करने वाले माओवादियों ने भी कहा है कि उनको यह आग्रह स्वीकार है।
पूर्व राजा ज्ञानेंद्र को नागार्जुन महल में निवास की अनुमति केवल उनके जीवन काल के लिए होगी। उनके पुत्र और पूर्व युवराज पारस राजा ज्ञानेंद्र के पुराने आवास निर्मल निवास में रह रहे हैं। उनको अपने पिता के समान विशेषाधिकारों का उपयोग नहीं करने दिया जाएगा।
इसके पूर्व सोमवार को प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला ने गृह मंत्री कृष्ण प्रसाद सितौला को राजा के महल से सुरक्षित वापसी के प्रस्ताव पर वार्ता के लिए महल भेजा था। राजा ने गृहमंत्री को आश्वासन दिया किया वह 12 जून की तय समय सीमा तक महल खाली कर देंगे।
नेपाल सरकार ने पिछले वर्ष नारायणहिति और नागार्जुन महल सहित करीब छह महलों का कागजों में अधिग्रहण कर लिया था, लेकिन इस आदेश पर वास्तविक रूप से अमल नहीं किया जा सका था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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