घातक हथियार बने आतंकवादियों की चॉकलेट

यह रहस्योद्घाटन कनाडा के एक न्यायालय में हुआ है कि अल कायदा से जुड़े स्थानीय आतंकवादी अपने खतरनाक हथियारों के लिए इन्हीं कूट नामों का इस्तेमाल करते हैं।
ब्रांपटन के न्यायालय के अभियोजक ने कनाडा के कथित आतंकवादी समूह के सरगना और उसके सहयोगी के बारे मेंकहा कि फोन टेपिंग से यह पता चला है ये आतंकवादी खतरनाक हथियारों के लिए इन्हीं शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।
जेल में बंद आतंकवादी ने उस समय पाकिस्तान और कनाडा की जेल में बंद अपने साथियों से कुछ इस तरह की बातचीत करता था।
जेल में बंद आतंकवादी ने पूछा, "चिक्स उस ब्लैक चिक्स का क्या हाल है।"
सामने से जवाब आया, "हमें उसके साथ काफी मजा किया। हमें वह पंसद आयी। हमने उसके लिए ढेर सारे खाने का भी इंतजाम किया।"
इसी तरह उन लोगों ने अपनी बातचीत में वाइव्स, प्योरगर्ल्स जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया। पुलिस ने इस कूट को तोड़ने के लिए एक स्थानीय की मदद ली।
टोरंटो-18 के नाम की यह कथित साजिश जून 2006 में उस समय प्रकाश में आयी, जब पुलिस ने अल कायदा की स्थानीय शाखा के 17 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। एक अन्य आतंकवादी को बाद में गिरफ्तार किया गया।
इन आतंकवादियों ने कथित रूप से टोरेंटो की मुख्य इमारतों को उड़ाने, राष्ट्रीय संसद पर धावा बालेकर प्रमुख नेताओं को बंधक बनाने और प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर की हत्या की साजिश रची थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications