उल्फा के साथ बात करे सरकार: गोस्वामी

गोस्वामी ने कहा कि केंद्र सरकार संप्रभुता की उल्फा की मांग समेत सभी मसलों पर चर्चा करने के शुरुआती रुख से हट गयी है। उन्होंने कहा कि सरकार और उल्फा को एक साथ बैठकर खुले दिमाग से प्रमुख मसलों पर बातचीत करनी चाहिए, जिससे शांति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित गोस्वामी ने कहा कि पीसीजी दोनों पक्षों से शांति वार्ता फिर से शुरू करने की जल्दी ही अपील करेगा। गौरतलब है कि असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कुछ दिन पहले ही आतंकवादी संगठनों, खासकर उल्फा से कहा था कि बातचीत से पहले वे हथियार डाल दें और हिंसा का रास्ता छोड़ें।
गोस्वामी ने कहा, "दोनों पक्ष शांति प्रक्रिया को लेकर फिलहाल चुप्पी साधे हुए है। पीसीजी चाहता है कि एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच फिर से बातचीत शुरू हो। यदि दोनों पक्ष एक दूसरे की बात नहीं सुनेंगे, तो राज्य में तीन दशकों से चला आ रहा हिंसा का दौर नहीं थमेगा।"
गौरतलब है कि सितंबर 2005 में उल्फा ने केंद्र सरकार के साथ बातचीत के लिए 11 सदस्यीय पीसीजी का गठन किया था। पीसीजी और सरकार के बीच दो दौर की बातचीत हो चुकी है। मई 2006 में तीसरे दौर की प्रस्तावित वार्ता दोनों पक्षों में मतभेद के कारण नहीं हो पाई।
असम के मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार गोगोई उल्फा के साथ बातचीत को तैयार हैं बशर्ते कि उल्फा हिंसा का रास्ता छोड़े और संविधान के दायरे में बातचीत करे। पिछले ही सप्ताह दिसपुर में यूनीफाइड कंमाड स्टर्कचर (यूसीएस) की बैठक के बाद गोगोई ने कहा था कि आतंकवादी गुट द्वारा स्वायत्ता की मांग छोड़ने के बाद ही दोनों पक्षों के बीच वार्ता संभव है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस


Click it and Unblock the Notifications