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आंध्रप्रदेश में टीआरएस को जोरदार झटका

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Andhra Pradesh
हैदराबाद/नई दिल्ली, 2 जून: आंध्रप्रदेश में अलग तेलंगाना राज्य की मांग करने वाली पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को राज्य में हुए उपचुनावों में करारा झटका लगा है। लोकसभा की 4 और विधानसभा की 18 सीटों के लिए हुए उपचुनावों में पार्टी को दो लोकसभा और 9 विधानसभा सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा है। सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी)ने टीआरएस से कई सीटें छीन ली है।

टीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव ने करीमनगर लोकसभा सीट पर कब्जा बरकरार रखा है और उनकी पार्टी हन्नमकोंडा सीट बचाए रखने में भी कामयाब रही, वारंगल आदिलाबाद लोकसभा सीटों पर उसे हार का मुंह देखना पड़ा है।

गौरतलब है कि अलग तेलंगाना राज्य की मांग करते हुए टीआरएस के 4 सांसदों और 16 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था। टीआरएस केवल सात विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब रही। टीआरएस की झोली से कांग्रेस ने चार सीटें और राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी टीडीपी ने पांच सीटें झटक ली हैं।

राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने खैराताबाद और तेरलाम विधानसभा सीटों पर भी जीत दर्ज की है। ये दोनों सीटें कांग्रेस और टीडीपी के विधायकों की मृत्यु के कारण ये दोनों सीटें खाली हुई थीं।

राज्य में पार्टी के प्रदर्शन पर नई दिल्ली में कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने आईएएनएस से कहा, "आंध्रप्रदेश उपचुनाव पर कर्नाटक का कोई प्रभाव नहीं देखा गया। चुनाव परिणाम यह सिद्ध करता है कि कांग्रेस अपने बूते अच्छा कर सकती है और जनता के लिए विकास प्रमुख मुद्दा है।"

उन्होंने कहा कि विकास और सामाजिक न्याय मुद्दे को कांग्रेस ने उठाया था। मोइली ने कहा कि विकास और सुशासन जीत की कुंजी होती है। उन्होंने कहा कि राज्य में वाई. एस. राजशेखर रेड्डी की सरकार अच्छा काम कर रही है।

उपचुनावों में अपनी पार्टी को मिली सफलता पर टीडीपी अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडु ने कहा कि यह उनकी पार्टी की नैतिक विजय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अगले वर्ष होने वाले चुनावों में उनकी पार्टी राज्य में सत्ता में लौटेगी।

उल्लेखनीय है कि 2004 के चुनावों में टीआरएस ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। उस समय उसे 5 लोकसभा और 26 विधानसभा सीटें मिली थीं।

टीआरएस ने केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) को सहयोग दिया था, लेकिन बाद में उसने अलग तेलंगाना राज्यकी अपनी मांग पर कांग्रेस के उदासीन रवैये के चलते अपना समर्थन वापस ले लिया था।

उपचुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस नेताओं ने अलग तेलंगाना राज्य के मुद्दे को "नाजुक मसला" बताते हुए इस पर कुछ भी कहने से इंकार किया। उ

उधर उपचुनाव परिणाम आने के बाद तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए आज अपने आवास पर पार्टी नेताओं की एक बैठक में अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश की। पार्टी सूत्रों के अनुसार जहां उन्होंने कहा कि वह अध्यक्ष पद पर आगे बने नहीं रह सकत, वहीं पार्टी नेताओं ने उनसे अध्यक्ष पद पर बने रहने की अपील की है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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