राजनीति में आना चाहते हैं बाबा रामदेव

दक्षिण चीन के समुद्र में एक आलीशान जहाज 'सुपरस्टार विग्रो' पर 15 देशों के 1,000 लोगों का पांच दिन का योग शिविर चला रहे रामदेव ने कहा, "मैं देश की राजनैतिक व्यवस्था से घृणा करता हूं। इसने पूरी दुनिया में भारत की नकारात्मक छवि बनाई है।"
आलीशान जहाज की 10 वीं मंजिल के डेक पर बैठे बाबा ने कहा कि वह देश की बागडोर ऐसे लोगों के हाथ में देखना चाहते हैं जो दूरदर्शी, विनम्र, नया सोचने वाले और ईमानदार हों। बाबा का कहना है कि देश के नेता कमजोर हैं।
लोगों के अंदर उनको सुनने की इच्छा नहीं है। आज के नेता कम समय में होने वाले फायदे के बारे में सोचते हैं और लोगों को जाति, विश्वास और धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश करते हैं।
गुरु ने भारत की राजनीति पर गहरी चिंता प्रकट करते हुए कहा कि दुनिया में केवल भारत ही ऐसा देश हैं जहां पुलिस दस्तावेजों में अपराधी के रूप में दर्ज व्यक्ति सांसद और विधायक बन जाते हैं। बाबा का मानना है कि राजनीति एक व्यवसाय बन गई और भारत को एक राजा की आवश्यकता है जो राजनीति में वृहद् दृष्टिकोण और ईमानदारी को स्थापित करे।
स्वामी रामदेव का मानना है कि साफ सरकार बननाने का एकमात्र तरीका है, सभी के लिए वोट डालना अनिवार्य कर दिया जाए। यदि दुनिया के 32 देशों में शत प्रतिशत वोटिंग अनिवार्य हो सकती है तो भारत में क्यों नहीं?
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस


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