रिलायंस और एमटीएन में विलय संभव

समाचार पत्र 'वाल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक अनिल ने अपने बड़े भाई मुकेश अंबानी के साथ उग्र व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता से प्रेरित होकर ऐसा करने का मन बनाया है। रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित विलय से अनिल को एक बड़ी अंतर्राष्ट्रीय कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने का मौका मिलेगा। ऐसा करने के पीछे अनिल का उद्देश्य अपने बड़े भाई मुकेश को कड़ी व्यापारिक चुनौती देना है।
बताया जा रहा है कि प्रस्तावित सौदे के लिए अनिल को रिलायंस कम्यूनिकेशन में उनकी पूरी 66 प्रतिशत हिस्सेदारी या इसके एक बड़े हिस्से का हस्तांतरण एमटीएन में करना पड़ेगा ताकि वह एमटीएन में बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर सकें।
यदि यह सौदा हो गया तो अनिल अंबानी दूरसंचार क्षेत्र की एक ऐसी कंपनी के सबसे बड़े हिस्सेदार बन जाएंगे जिसका एशिया, मध्य-पूर्व और दक्षिण अफ्रीका में 10 करोड़ से अधिक उपभोक्ता हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक अनिल भारत से बाहर अपना कारोबार फैलाने के लिए यह सौदा करना चाहते हैं। इस सौदे से दोनों कंपनियों की दक्षता और क्षमता काफी बढ़ जाएगी जिससे वे तेजी से कारोबारी विस्तार कर सकने में सक्षम हो जाएंगे।
गौरतलब है कि रिलायंस कम्यूनिकेशंस का बाजार मूल्य 30 अरब डालर और एमटीएन का बाजार मूल्य 40 अरब डालर है। प्रस्तावित सौदे के लिए दोनों कंपनियों के बीच 45 दिनों की विशेष वार्ताओं का दौर चल रहा है। यदि यह सौदा हो जाता है तो अनिल अंबानी संयुक्त कंपनी के सबसे बड़े हिस्सेदार बन जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications