आरुषि कांड: 3 जांच अधिकारी बदले गए

इसी माह 16 मई को आरुषि तलवार का शव मिलने पर नोएडा सेक्टर 20 पुलिस स्टेशन के शीर्ष अधिकारी दाता राम ननोरिया को विशेष जांच अधिकारी (आईओ) नियुक्त किया गया था। दो ही दिन बाद उनका तबादला शहर से बाहर कर दिया गया और उनके स्थान पर गजेंद्र सिंह को आईओ नियुक्त किया गया।
इसके एक दिन बाद यानी 19 मई को सेक्टर 39 थाने के प्रमुख अनिल समानिया को आईओ नियुक्त किया गया जिसके बाद 24 मई को नोएडा के सेक्टर 20 के थानाधिकारी जगवीर मलिक को आईओ नियुक्त किया गया।
इस बारे में पुलिस महाधीक्षक ए.के. त्रिपाठी का कहना है, "जगवीर मलिक को मामले की तहकीकात करने को कहा गया है। अनिल समानिया छुट्टी पर गए हैं।"
उल्लेखनीय है कि हत्याकांड की जांच करने के अपने लापरवाह तरीके की वजह से पुलिस की काफी भर्त्सना हुई थी। इसके अलावा, मृतक आरुषि की 'चरित्र हत्या' संबंधी बयानों को लेकर भी पुलिस पर काफी छींटाकशी हुई थी।
आज अदालत में उपरोक्त सभी तथ्यों को रखा गया। आरुषि की हत्या के आरोप में गिरफ्तार उसके पिता राजेश तलवार के वकील अभिजीत चटर्जी ने कहा कि उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजे गए तलवार के साथ नहीं रहने दिया गया। उन्होंने पुलिस के खिलाफ अदालत की अवमानना नोटिस की मांग की।
तलवार को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजे जाने के दौरान अदालत ने आदेश दिया था कि उनके वकील को भी साथ रखा जाए। चटर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें बिना बताए तलवार को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई थी जबकि वह सेक्टर 20 के थाने में बैठे इंतजार करते रहे।
चटर्जी का आरोप था कि इस मामले में उनके पास अदालत के पास आने के अलावा और कोई चारा नहीं था।
वरिष्ठ अभियोजक अधिकारी पी.सी. श्रीवास्तव ने कहा कि अदालत अवमानना का मामला शुक्रवार को उठाएगी।
गौरतलब है कि 16 मई को आरुषि तलवार की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती शक तलवार परिवार के नौकर हेमराज पर गया था लेकिन अगले ही दिन उसका शव घर की छत पर मिलने के बाद शक की सुई आरुषि के पिता राजेश तलवार की ओर घूमी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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