गुर्जरों को पृथक कोटा नहीं: विधि मंत्रालय

सरकारी सूत्रों के अनुसार इस संबंध में बुधवार को मंत्रालय ने प्रधानमंत्री कार्यालय को अपनी राय से अवगत कराया। सूत्रों ने बताया है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में गुर्जरों को आरक्षण देने के संबंध में पृथक कोटा के प्रावधान पर विचार किया गया और बाद में उसे विधि मंत्रालय के हवाले उसकी राय जानने के लिए किया गया।
विधि मंत्रालय ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव को मुख्यतया दो कारणों से गैरवाजिब करार दिया है। मंत्रालय के अनुसार 4 से 6 फीसदी के पृथक कोटे की व्यवस्था उच्चतम न्यायालय के आरक्षण की अधिकतम 50 फीसदी सीमा के आदेश के खिलाफ है।
मंत्रालय के मुताबिक अति पिछड़ा वर्ग को दी जा रही 27 फीसदी आरक्षण में गुर्जरों के लिए अलग से पृथक कोटा का प्रावधान भी तर्कसंगत नहीं है।
इसी बीच गुर्जर समुदाय के आंदोलन के चलते राजस्थान के अनेक शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा और राजमार्ग और अन्य मार्ग भी रुके रहे। गत सप्ताह मारे गए 37 गुर्जरों के शवों का बुधवार को भी पोस्टमार्टम अथवा अंतिम संस्कार नहीं किया गया।
इसके अलावा, 'गुर्जर आकर्षण संघर्ष समिति' और वसुंधरा राजे सरकार के बीच फिलहाल बातचीत के कोई आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं। गुर्जरों ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित जयपुर में भी गुरुवार को बंद का ऐलान किया है।
राज्य के अन्य जिलों भरतपुर, करौली और दौसा से भी गुर्जरों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें हैं। पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज किया जबकि गुर्जर आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री राजे और राज्य के गृहमंत्री जी.सी. कटारिया के पुतले फूंके।
आंदोलनकारियों का कहना है कि अनुसूचित जनजाति श्रेणी में आने के बाद वह सरकारी नौकरियों और अन्य सरकारी शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लायक बन सकते हैं।
उधर गुर्जर नेता के.एस. बैंसला का कहना है कि पुलिस की हिफाजत में रखे चार व्यक्तियों के शव लौटाने के बाद प्रशासन पीलूपुरा के रेल मार्ग के पास सभी शवों का पोस्टर्माटम कर सकता है। उल्लेखनीय है कि बैंसला गत छह दिनों से हजारों गुर्जरों के साथ पीलूपुरा में डेरा डाले हैं।
पुलिस बैंसला की सलाह मानने को तैयार नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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