मानवाधिकार उल्लंघन में अग्रतम अमेरिका: एआई

मानवाधिकार की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाली लंदन स्थित संस्था एमनेस्टी ने 2008 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बुधवार को कहा कि विश्व के बड़े देश मानव अधिकारों की अंतर्राष्ट्रीय घोषणा (यूडीएचआर) को संरक्षण देने में विफल रहे है।
गौरतलब है कि यूडीएचआर को संयुक्त राष्ट्र ने 10 दिसंबर 1948 को स्वीकार किया था। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने चीन और रूस सहित सभी बड़े देशों के नेताओं से यूडीएचआर को अपनाए जाने की 60 वीं वर्षगांठ के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से माफी मांगने को कहा है।
एमनेस्टी की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया 60 साल पहले यूडीएचआर को अपनाए जाने के बावजूद 81 देशों में लोगों के साथ अभी भी र्दुव्यवहार होता है या उनको प्रताड़ित किया जाता है, 54 देशों में लोगों को झूठे मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है। 77 देशों में नागरिकों को अभिव्यक्ति की आजादी नहीं है।
एमनेस्टी ने दुनिया के सबसे ताकतवर देशों से आग्रह किया है कि वह मानव अधिकारों के बारे में एक सामूहिक वैश्विक दृष्टिकोण और उदाहरण पेश करें।
एमनेस्टी ने कहा कि यूरोपीय संघ के अधिकांश देश रूस और चीन को मानव अधिकारों का सम्मान करने के लिए कहते हैं, लेकिन वे खुद ही मानवाधिकारों का हनन करने के अपराध में शामिल हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सरकार इराक में अपनी सेनाओं के दुरूपयोग को रोकने में पूरी तरह विफल रही है। एमनेस्टी ने नवंबर में निर्वाचित होने वाले नए अमेरिकी राष्ट्रपति से क्यूबा की खाड़ी में स्थित अपनी जेल गुआंतनामो को बंद करने का आग्रह किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में लोकतंत्र और आजादी की बात करने वाले अमेरिका ने न्यायाधीशों को बर्खास्त करने वाले, संसद को भंग करने और सैकड़ों वकीलों को जेल में डालने वाले मुशर्रफ को अपना समर्थन लगातार जारी रखा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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