मेडिकल पर्यटन से बढ़ेगा विदेशी मुद्रा भंडार

व्यापारिक संगठन 'एसोसिएटेड चैंबर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री आफ इंडिया' (एसोचैम) ने एक अध्ययन में पाया है कि देश में मेडिकल पर्यटन तेजी से जोर पकड़ रहा है। सरल वीजा सुविधाएं और स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर आधारभूत संरचना के कारण यहां आने वाले विदेशी रोगियों की संख्या दिनोदिन बढ़ती जा रही है।
एसोचैम के अध्यक्ष वेणूगोपाल एन. धूत ने कहा कि अध्ययन के मुताबिक वर्ष 2012 तक देश में मेडिकल पर्यटन से होने वाली विदेशी मुद्रा की आमदनी मौजूदा 35 अरब रुपये से बढ़कर 80 अरब रुपये प्रति वर्ष हो जाएगी।
धूत का कहना है कि पश्चिमी देशों में मेडिकल सुविधाएं काफी महंगी हैं। इसलिए अफ्रीकी और खाड़ी देशों समेत विभिन्न एशियाई देशों के रोगी भारत का रुख करने लगे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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